By अभिनय आकाश | Dec 19, 2025
एक तरफ बांग्लादेश में बवाल मचा हुआ है। चारों तरफ हिंसा, प्रदर्शन, आगजनी, बवाल बांग्लादेश में देखने को मिल रहा है। वहीं दूसरी तरफ बांग्लादेश के हालात के मद्देनजर भारत पूरी तरह से चौकन्ना है और यही वजह है कि समुद्री क्षेत्र में भी भारत की निगरानी बढ़ी हुई है। लगातार बांग्लादेश में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों के बीच भारत से भी एक बड़ा एक्शन लिया है। भारतीय समुद्री सीमाओं की रक्षा में तैनात भारतीय तटरक्षक बलों ने एक बड़ा ऑपरेशन किया और उसने एक बार फिर से अपनी सतर्कता और त्वरित कार्यवाही का परिचय दिया। उत्तरी बंगाल की खाड़ी में गश्त के दौरान इंडियन कोस्ट गार्ड के जहाज ने भारतीय जल क्षेत्र में अवैध रूप से दो बांग्लादेशी जहाजों को रोक लिया और उन्हें फिर जब्त किया।
बीते 3 महीनों में भारतीय तटरक्षक बलों ने आठ बांग्लादेशी मछली पकड़ने वालों नावों को पकड़ा है। जिन पर लगभग 170 चालक दल से अधिक सदस्यों को हिरासत में लिया गया। नवंबर 2025 में भी इस तरह की तीन नावें पकड़ी गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बार-बार होने वाली घुसपैठ संयोग मात्रा नहीं है बल्कि एक सुनियोजित पैटर्न का हिस्सा है जो समुद्री सीमाओं की जांच करने का प्रयास लगती है और यही वजह है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर भारत इस तरह की त्वरित कारवाई करता हुआ दिखाई पड़ता है और इंडियन कोस्ट गार्ड के जवान लगातार सतर्कता बरतते हैं और पेट्रोलिंग के दौरान इस तरह से अवैध घुसपैठ करने वालों पर सख्त कारवाई करते हैं और यही वजह है कि इस बार फिर ऐसे से 35 लोगों को पकड़ा गया है जो भारतीय जल क्षेत्र में घुसकर इस तरह की अवैध गतिविधि कर रहे थे।
भारत का एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन समुद्र तट से करीब 370 km तक का क्षेत्र है। यहां भारत को मछली पकड़ने, खनिज संसाधनों और समुद्री ऊर्जा जैसे अधिकार हैं। विदेशी नावें बिना अनुमति यहां मछली नहीं पकड़ सकतीं। अवैध मछली पकड़ना भारतीय मछुआरों के लिए नुकसान पहुंचाता है। समुद्री संसाधनों को खतरा पैदा करता है।