मसूद अजहर मामले में US और फ्रांस का साथ मिलना भारत की कूटनीतिक सफलता: सुषमा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 15, 2019

नयी दिल्ली। आतंकी सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी के रूप में सूचीबद्ध करने के मामले में कांग्रेस के कूटनीतिक विफलता के आरोपों को खारिज करते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शुक्रवार को कहा कि जो नेता इसे राजनयिक विफलता बता रहे हैं, वे स्वयं देख लें कि साल 2009 में भारत इस मुद्दे पर अकेला था जबकि साल 2019 में उसे दुनिया भर से समर्थन प्राप्त है। विदेश मंत्री ने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘मैं मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध समिति के तहत सूचीबद्ध करने के बारे में तथ्यों से अवगत कराना चाहती हूं। इस बारे में प्रस्ताव चार बार आगे बढ़ाया गया।’’ उन्होंने कहा कि साल 2009 में भारत संप्रग सरकार के तहत अकेला प्रस्तावक था। वहीं 2016 में भारत के प्रस्ताव के सह प्रायोजकों में अमेरिका, फ्रांस और अमेरिका शामिल थे। साल 2017 में अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने प्रस्ताव आगे बढ़ाया था। 

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सुषमा स्वराज ने कहा, ‘‘इस तरह से हमें संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध समिति के तहत मसूद अजहर को सूचीबद्ध करने के प्रयासों में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अभूतपूर्व समर्थन मिला।’’ आतंकी गुट जैश ए मुहम्मद के मुखिया मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने में चीन के वीटो के मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से डरे हुए हैं। राहुल ने ट्वीट कर दावा किया था, मोदी की चीन कूटनीति गुजरात में शी के साथ झूला झूलना, दिल्ली में गले लगाना, चीन में घुटने टेकना रही।

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