चिंतित अर्थशास्त्रियों को राष्ट्र विरोधी बता सकती है सरकार: चिदंबरम

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 15, 2019   15:14
चिंतित अर्थशास्त्रियों को राष्ट्र विरोधी बता सकती है सरकार: चिदंबरम

खबरों के मुताबिक, अर्थशास्त्रियों और समाज शास्त्रियों ने आर्थिक आंकड़ों में राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर चिंता जतायी है। कुल 108 विशेषज्ञों ने एक संयुक्त बयान में सांख्यिकी संगठनों की ‘संस्थागत स्वतंत्रता’ बहाल करने का आह्वान किया है।

नयी दिल्ली। दुनिया के कई प्रमुख अर्थशास्त्रियों द्वारा भारत के आर्थिक विकास से जुड़े आंकड़ों में ‘राजनीतिक हस्तक्षेप’ पर चिंता जताए जाने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने नरेंद्र मोदी सकरार पर कटाक्ष किया और कहा कि यह सरकार इन प्रतिष्ठित लोगों को ‘राष्ट्र विरोधी’ (एंटी नेशनल) करार दे सकती है।

चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा, ‘‘108 जानेमाने शिक्षाविदों और विद्वानों ने बेरोजगारी के आंकड़े को दबाने के लिए मोदी सरकार की निंदा की है। सरकार का जवाब यह हो सकता है: ये लोग राष्ट्र विरोधी हैं।’’

इसे भी पढ़ें: PM की कुर्सी पर ममता बनर्जी की नजरें, विफल होने पर निभाएंगी किंगमेकर की भूमिका

खबरों के मुताबिक, अर्थशास्त्रियों और समाज शास्त्रियों ने आर्थिक आंकड़ों में राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर चिंता जतायी है। कुल 108 विशेषज्ञों ने एक संयुक्त बयान में सांख्यिकी संगठनों की ‘संस्थागत स्वतंत्रता’ बहाल करने का आह्वान किया है। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों में संशोधन करने तथा एनएसएसओ द्वारा रोजगार के आंकड़ों को रोक कर रखे जाने के मामले में पैदा हुये विवाद के मद्देनजर यह बयान आया है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

Prabhasakshi logoखबरें और भी हैं...

राष्ट्रीय

झरोखे से...