By रेनू तिवारी | Nov 03, 2026
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरान के कुछ चुनिंदा ठिकानों पर रक्षात्मक हमले (Defensive Strikes) किए हैं। वहीं, ईरान के सरकारी टेलीविजन ने पुष्टि की है कि इन हमलों के दौरान देश के केश्म द्वीप (Qeshm Island) पर जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। अनाम रहने की शर्त पर एक अमेरिकी अधिकारी ने सोमवार को जानकारी दी कि ईरानी सेना अमेरिकी परिसंपत्तियों को निशाना बनाने के लिए सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों (Surface-to-Air Missiles) का इस्तेमाल कर रही थी, जिसके जवाब में यह सैन्य कार्रवाई की गई। हालांकि, ये हमले काफी सीमित दायरे में किए गए हैं
उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि उन्होंने ईरान के साथ बातचीत के संबंध में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की है। उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रपति और मुझे दोनों को लगता है कि बातचीत के जरिए किसी समझौते तक पहुंचने की अच्छी संभावना है।’’ वेंस ने पिछले हफ्ते ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई को एक पत्र भेजा था, लेकिन ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) ने इस पत्र की सामग्री के बारे में बहुत कम जानकारी दी है।
ट्रंप ने पत्रकारों को बताया कि यह पत्र ईरान को ‘‘चिकित्सा आपूर्ति और अन्य चीजों’’ में मदद करने के बारे में था, लेकिन सोमवार को वेंस ने संकेत दिया कि इस बात की उम्मीद है कि अमेरिका और ईरान किसी समझौते पर पहुंच सकते हैं।
कूटनीतिक मोर्चे पर बातचीत और शांति की उम्मीदें
सैन्य टकराव के बीच कूटनीतिक रास्ते भी खुले रखने के प्रयास जारी हैं:
उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस का बयान: उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने ईरान के साथ संभावित वार्ताओं को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से चर्चा की है। उन्होंने विश्वास जताया कि बातचीत के जरिए किसी ठोस समझौते पर पहुंचने की अच्छी संभावनाएं हैं।
गुप्त पत्र और राहत सामग्री: पिछले हफ्ते, जे.डी. वेंस ने ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई (Mohsen Rezaei) को एक पत्र भेजा था। हालांकि व्हाइट हाउस ने इस पत्र की पूरी सामग्री सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह पत्र ईरान को मानवीय सहायता, जैसे "चिकित्सा आपूर्ति और अन्य जरूरी चीजों" में मदद करने के उद्देश्य से लिखा गया था।
समझौते की आस: सोमवार को वेंस के बयानों से यह संकेत मिला कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच कूटनीतिक संवाद के जरिए इस गतिरोध को सुलझाने की गुंजाइश अभी भी बाकी है।