By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 06, 2026
नयी दिल्ली, छह सितंबर अमेरिका के आगामी मुद्रास्फीति आंकड़े, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव इस सप्ताह सोने-चांदी की कीमतों के प्रमुख निर्धारक होंगे। विश्लेषकों ने यह राय जताई है। विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक ब्याज दरों को लेकर बढ़ी अटकलों के बीच निवेशकों की इन घटनाक्रमों पर नजर रहेगी।
पिछले सप्ताह वायदा बाजार में सोने की कीमत 3,514 रुपये यानी 2.2 प्रतिशत घटकर 1.52 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई, जबकि चांदी 4,786 रुपये यानी करीब दो प्रतिशत गिरकर 2.37 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रही। एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष एवं शोध विश्लेषक जतिन त्रिवेदी ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से दर बढ़ाने की संभावना के संकेत के बाद मुनाफावसूली के कारण सप्ताह के पहले हिस्से में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने में उतार-चढ़ाव रहा। वैश्विक बाजार में कॉमेक्स सोना वायदा सप्ताहांत में करीब 1.2 प्रतिशत गिरकर 4,476.6 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस रहा।
न्यूयॉर्क में चांदी 1.52 प्रतिशत घटकर 66.75 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस रही। मेर ने कहा कि अमेरिका के उम्मीद से बेहतर रोजगार आंकड़ों के बाद इस महीने फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दर बढ़ाने की संभावना मजबूत होने से शुक्रवार को सोने की कीमतों पर दबाव रहा। ब्रोकरेज मंच लेमन के शोध प्रमुख गौरव गर्ग ने कहा कि भू-राजनीतिक चिंताएं अब पारंपरिक सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ाने के बजाय ब्याज दरों के लिए जोखिम के रूप में उभर रही हैं।
हालांकि, फेडरल रिजर्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वालर की नरम रुख वाली टिप्पणियों और ईरान से जुड़ा तनाव सीमित रहने के संकेतों से दर बढ़ोतरी की उम्मीद कम हुई, जिससे अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट आई। गर्ग ने कहा कि चांदी में दोनों दिशाओं में अधिक उतार-चढ़ाव रहा, क्योंकि इसकी औद्योगिक मांग भी ब्याज दरों के रुख से प्रभावित होती है। इस बीच, दुनिया के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाना जारी रखे हुए हैं।
विश्व स्वर्ण परिषद के आंकड़ों के अनुसार, चीन के केंद्रीय बैंक ने 20 टन सोना खरीदा है। यह लगातार 21वां महीना है जब उसने सोने की खरीद की है। इससे 2026 में अब तक उसकी खरीद 60 टन और कुल स्वर्ण भंडार 2,366 टन हो गया है।