चीन के साथ प्रतिस्पर्धा को मैनेज करने की कोशिश में बाइडेन, दिल से दिल मिलने का कोई कारण होगा, बिना कारण कोई बात नहीं होती

By अभिनय आकाश | Sep 10, 2021

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच फोन पर बातचीत हुई है। अफगानिस्तान में बदलते हालात के बीच जब चीन तालिबान के साथ खड़ा है ऐसे में ये बातचीत बेहद अहम हो जाती है। साथ ही कल जिनपिंग ब्रिक्स सम्मेलन में भी शामिल हुए थे। अमेरिका और चीन ने राजनयिक संबंधों से संबंधित मुद्दों पर खुले और सीधे तरीके से बातचीत करने पर सहमति व्यक्त की है।  बता दें कि बाइडेन ने सात महीने के बाद पहली बार चीनी समकक्ष के साथ बात की है।  दोनों के बीच की ये वार्ता 90 मिनट तक चली है। इसमें अमेरिका और चीन के रिश्ते को किस तरह आगे बढ़ाया जाए इसको लेकर चर्चा हुई। 

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किन मुद्दों पर हुई चर्चा 

व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा, ‘‘दोनों नेताओं के बीच एक व्यापक, रणनीतिक चर्चा हुई जिसमें उन्होंने उन क्षेत्रों पर चर्चा की जहां हमारे हित मिलते हैं, और उन क्षेत्रों पर जहां हमारे हित, मूल्य और दृष्टिकोण भिन्न हैं।’’ व्हाइट हाउस को उम्मीद है कि बढ़ते मतभेदों के बावजूद दोनों पक्ष जलवायु परिवर्तन और कोरियाई प्रायद्वीप पर परमाणु संकट को रोकने सहित आपसी सरोकार के मुद्दों पर मिलकर काम कर सकते हैं। हालांकि, चीन ने अमेरिकी दबाव का विरोध करते हुए कहा है कि जब तक बाइडन चीन के आंतरिक मामलों की आलोचना बंद नहीं करते तब तक बीजिंग व्यापक रूप से असहयोग जारी रख सकता है। 

 बाइडेन ने की खुले दिल से बात

चीनी मीडिया की ओर से कहा गया कि शी और बाइडेन की बातचीत खुले दिन से हुई है। जिनपिंग ने कहा कि अमेरिका की उनके प्रति नीति से चीन के साथ रिश्‍तों में बड़ी बाधा आ रही है। चीनी पक्ष ने कहा कि दोनों नेताओं ने भविष्‍य में अक्‍सर संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई है। इससे पहले एक वाइट हाउस के अधिकारी ने कहा था कि राष्‍ट्रपति कार्यालय चीन के साथ शुरुआती संपर्क को लेकर संतुष्‍ट नहीं था। 

प्रतिस्पर्धा मैनेज करने में  लगा अमेरिका

बाइजेन ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी को लेकर जो नई रणनीति बनाई है। उसके मुताबिक बाइडेन अमेरिका और चीन के बीच जिम्मेदारी से प्रतिस्पर्धा को मैनेज करना चाहते हैं और इसी कड़ी में उन्होंने शी जिनपिंग से बातचीत की है। चीनी राष्ट्रपति को फोन करने की पहल बाइडेन के द्वारा ही ली गई और वो भी ऐसे वक्त में जब हाल ही में चीन की तरफ से दावा किया गया था कि अमेरिका गंभीर और वास्तविक बातचीत में शामिल होने का इच्छुक नहीं है। 

 अमेरिका और चीन के संबंधों का इतिहास

चीन और अमेरिका के बीच रिश्तों की शुरुआत 1970 में पाकिस्तान के जरिए शुरू हुई। इसे 'पिंग-पॉन्ग डिप्लोमेसी' भी कहा जाता है। इसमें अमेरिका की टेबल-टेनिस टीम चीन गई थी। इसके बाद 1972 में राष्ट्रपति निक्सन चीन की आठ दिनों की यात्रा पर गए। इसके सात साल बाद दोनों देशों के बीच पूरी तरह से कूटनीतिक संबंध स्थापित हो गए। अमेरिकी डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति जिमी कार्टर ने 636 बिलियन अमेरिकी डॉलर का व्यापारिक समझौता चीन के साथ किया। यह पूरी तरह से चीन के पक्ष में झुका हुआ था।

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