By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 30, 2026
अमेरिका में आव्रजन मामलों की एक अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाया कि विस्कॉन्सिन की सबसे बड़ी मस्जिद के फलस्तीनी मूल के प्रमुख सलाह सरसूर को इस आधार पर निर्वासित किया जा सकता है कि वह अमेरिकी विदेश नीति के लिए खतरा हैं। अदालत ने हालांकि यह आरोप खारिज कर दिया कि सरसूर ने ‘ग्रीन कार्ड’ के लिए आवेदन करते समय झूठ बोला था। सलाह सरसूर को अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) के अधिकारियों ने मार्च में मिलवॉकी में हिरासत में लिया था।
सरकार ने उन पर ‘ग्रीन कार्ड’ के लिए आवेदन करते समय इजराइल में आतंकवाद से जुड़े मामलों में उन्हें दोषी ठहराए जाने की जानकारी छिपाने या उसके बारे में झूठ बोलने का भी आरोप लगाया था। आव्रजन मामलों की अदालत के न्यायाधीश जेमी सेलिनार्डी ने सरकार की इस दलील से सहमति जताई कि सरसूर को विदेश नीति के आधार पर निर्वासित किया जा सकता है, लेकिन उन्होंने आवेदन में झूठ बोलने का आरोप खारिज कर दिया। इजराइल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक में जन्मे सरसूर को 1988 में इजराइली सैन्यकर्मियों पर पेट्रोल बम और पत्थर फेंकने की बात ‘‘स्वीकार करने के बाद’’ जेल भेजा गया था।
उन्हें 1995 में हथियार और गोला-बारूद रखने की कोशिश के मामले में दोषी ठहराया गया। सरसूर के वकीलों का कहना है कि दोनों मामलों में उन्हें प्रताड़ित किया गया और जुर्म जबरन कबूल कराया गया। सरसूर का अमेरिका में कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और वह 1993 से यहां रह रहे हैं।
उनके वकीलों ने कहा कि अमेरिका सरकार को सरसूर के अमेरिका पहुंचने के समय से ही इजराइल में उन्हें दोषी ठहराए जाने की जानकारी थी। सरसूर ने मंगलवार को ‘एसोसिएटेड प्रेस’ से कहा कि उन्हें वापस वेस्ट बैंक भेजे जाने का मतलब उनके ‘‘जीवन का अंत होगा।’’ अदालती दस्तावेजों के अनुसार, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जून 2025 में एक असामान्य ज्ञापन जारी कर कहा था कि सरसूर को भी उसी आधार पर निर्वासित किया जा सकता है जिस आधार पर ट्रंप प्रशासन फलस्तीनी अधिकारों के समर्थक महमूद खलील और मोहसेन महदावी को देश से निकालने की कोशिश कर चुका है। सरसूर को बुधवार को मामले की स्थिति की समीक्षा के लिए अदालत में पेश होना है।