By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 28, 2026
(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, 28 जुलाई अमेरिका के सहायक विदेश मंत्री एस. पॉल कपूर ने कहा है कि अमेरिका और भारत रक्षा तथा असैन्य परमाणु क्षेत्र में सहयोग बढ़ा रहे हैं जिसमें विश्वसनीय कृत्रिम मेधा (एआई) तथा अर्थव्यवस्था को गति देने वाली अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाना भी शामिल है। कपूर ने यह बात हूवर इंस्टीट्यूशन में भारत पर आयोजित एक गोलमेज सम्मेलन के दौरान कही। इस कार्यक्रम में अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री कोंडोलीजा राइस और भारत में अमेरिका के पूर्व राजदूत डेविड सी. मुलफोर्ड ने भी भाग लिया।
इनमें अपाचे और चिनूक हेलीकॉप्टर, सी-17 तथा सी-130जे परिवहन विमान, पी-8आई समुद्री गश्ती विमान और एम777 होवित्जर तोपें प्रमुख हैं। अमेरिका की परमाणु ऊर्जा कंपनियां भारत के असैन्य परमाणु क्षेत्र में निवेश और सहयोग की संभावनाओं को लेकर उत्साहित हैं। इस वर्ष की शुरुआत में नयी दिल्ली द्वारा ‘शांति’ कानून के माध्यम से दायित्व संबंधी प्रावधानों में ढील दिए जाने के बाद, निजी क्षेत्र के साथ सहयोग की संभावनाएं तलाशने के उद्देश्य से परमाणु उद्योग के वरिष्ठ अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल भारत आया था।