By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 29, 2026
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर से बढ़ने और कच्चे तेल के दाम में तेजी से सोमवार को स्थानीय शेयर बाजारों में गिरावट आई और दोनों मानक सूचकांक नुकसान में रहे। बीएसई सेंसेक्स 372 अंक टूटा, जबकि एनएसई निफ्टी 110 अंक के नुकसान में रहा। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 372.10 अंक यानी 0.48 प्रतिशत टूटकर 76,728.37 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, एक समय यह 478.72 अंक तक लुढ़क कर 76,621.75 अंक पर आ गया था। पचास शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 109.75 अंक यानी 0.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,946.25 अंक पर बंद हुआ।
ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा, ‘‘सप्ताहांत वैश्विक स्तर पर तनाव तेजी से बढ़ा। तनाव कम करने और बातचीत फिर से शुरू करने पर सहमत होने से पहले अमेरिका और ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक-दूसरे पर हमले किए। इससे नुकसान तो सीमित रहा, लेकिन समझौते के टिकने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए। इसके टूटने का जोखिम बढ़ गया, जिससे बाजार अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव बना रहा।’’ एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी गिरावट के साथ बंद हुआ। दूसरी तरफ, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ बंद हुए।
यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख था। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद हुए थे। ‘मुहर्रम’ के कारण शुक्रवार को शेयर बाजार बंद था। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को 383.76 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे। सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 109.25 अंक यानी 0.14 प्रतिशत बढ़कर 77,100.47 अंक पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 34.35 अंक की तेजी के साथ 24,056 अंक पर रहा था।