दफ्तर से समंदर तक अमेरिका और चीन की जंग! भारत के बाद अब US ने किया युद्धाभ्यास

By निधि अविनाश | Jul 23, 2020

 अमेरिका ने चीन को 72 घंटों के भीतर वाणिज्य दूतावास को बंद करने का आदेश दिया

अमेरिका ने चीन को ह्यूस्टन में अपना वाणिज्य दूतावास बंद करने का आदेश दिया है जिससे दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनाव बढ़ गया है। देश में नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन के खिलाफ कड़े कदम उठाने के सिलसिले में यह नया कदम है। चीन ने बुधवार को इस आदेश की निंदा करते हुए इसे ‘‘अपमानजनक’’ बताया और कहा कि अगर इस फैसले को वापस नहीं लिया गया तो इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। अमेरिका में चीन के छह वाणिज्य दूतावासों में से एक को बंद करने से तनाव बढ़ गया है। दोनों देशों के बीच न केवल कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर बल्कि व्यापार, मानवाधिकारों, हांगकांग और दक्षिण चीन सागर में चीन के दावे को लेकर भी तनाव चल रहा है। चीनी अधिकारियों, छात्रों और शोधकर्ताओं के खिलाफ ट्रंप प्रशासन के पहले उठाए गए कदमों में यात्रा प्रतिबंध, पंजीकरण आवश्यकताएं और अमेरिका में चीनी नागरिकों की मौजूदगी कम करने की मंशा वाले अन्य कदम भी शामिल हैं। ये कदम ऐसे समय में उठाए गए हैं जब ट्रंप ने अमेरिका में कोरोना वायरस फैलने के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया है।ट्रंप ने कहा कि अगर चीन अपना व्यवहार नहीं बदलता है तो और दूतावासों को बंद किया जा सकता है। उन्होंने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा, ‘‘ऐसा हमेशा संभव है।’’ विदेश विभाग ने कहा कि उसने 72 घंटों के भीतर वाणिज्य दूतावास को बंद करने का आदेश दिया है। 

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इधर,ऑस्ट्रेलिया-जापान के साथ अमेरिका का युद्द अभ्यास! 

चीन को चारों तरफ से घेरने में भारत और अमेरिका एक साथ जुट गया हैं। बता दें कि ड्रेगन को सबक सिखाने के लिए पिछले हफ्ते भारत की नौसेना ने अमेरिका के नौसेना के साथ अंडमान निकोबार द्वीप समूह तट के पास सैन्य अभ्यास किया। जानकारी के मुताबिक अमेरिकी नौसेना ने दुनिया के सबसे बड़े पोत यूएसएस निमित्ज का इस्तेमाल किया। अब भारत के नक्शे-कदम पर अमेरिका ने भी चीन को सबक सिखाने के लिए दक्षिण चीन सागर के विवादित हिस्से से लगभग 4000 किमी दूर फिलीपींस सागर में जापान और ऑस्ट्रेलिया की नौसेनाओं के साथ युद्धाभ्यास शुरू किया है। 

चीन को सबक सिखाएगा अमेरिका

अमेरिका और चीन के बीच न केवल कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर बल्कि व्यापार, मानवाधिकारों, हांगकांग और दक्षिण चीन सागर में चीन के दावे को लेकर भी काफी तनाव बना हुआ है। जानकारी के मुताबिक चीन का बिना नाम लिए अमेरिका ने जापान और ऑस्ट्रेलिया की नौसेनाओं के साथ युद्धाभ्यास शुरू करने को लेकर आधिकारिक बयान जारी किया है। इस अभ्यास में जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया 12 फाइटर जेट और नौ जंगी जहाजों का इस्तेमाल कर रही है। वहीं अमेरिका ने इस अभ्यास में अपना यूएसएस रोनाल्ड रीगन का इस्तेमाल किया। भारत के बाद तीन देशों का ऐसे सैन्य अभ्यास करना ये साबित करता है कि ये चारों देश चीन पर लगातार दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। 

बता दें कि भारत के नेतृत्व में अमेरिका, ऑस्ट्रलिया, जापान और भारत इस साल नवंबर में  हिंद महासागर में होने वाले विस्तारित मालाबार नौसेना अभ्यास में भी शामिल हो सकते हैं। साथ ही इस अभ्यास में ऑस्ट्रेलिया को शामिल करने के लिए एक ऑफिशियल न्यौता भी भेजा जाएगा।

भारतीय नौसेना की बढ़ी चौकसी

गलवान घाटी में हुए चीन और भारत के सैनिको के बीच हुए हिंसक झड़प से दोनों देशों के बीच तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। भारत का अमेरिका के साथ अंडमान निकोबार द्वीप समूह तट के पास सैन्य अभ्यास करना इस समय अहम बना हुआ है क्योंकि ऐसे वक्त में चीन की सेना का पूर्वी लद्दाख और दक्षिण चीन सागर में काफी आक्रामक रूख बना हुआ है। इसी बीच भारतीय नौसेना ने चीन के साथ लगी सीमा पर हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी तैनाती बढ़ी दी है। बता दें कि चीन की नौसेना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और फ्रांस की नौसेनाओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी आपसी सहयोग को भी बढ़ाया है। 

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