By अभिनय आकाश | Nov 06, 2026
मिडटर्म चुनावों के बाद अमेरिकी कांग्रेस के राजनीतिक संतुलन में बदलाव से आव्रजन नीति पर चर्चा करने के नए अवसर मिल सकते हैं, लेकिन इस बात की संभावना कम है कि इससे ट्रम्प प्रशासन द्वारा H-1B वीज़ा और रोज़गार-आधारित आव्रजन पर लगाई गई पाबंदियां तुरंत हट जाएंगी। कुछ प्रवासी कामगारों और आवेदकों की उम्मीदों के बावजूद, कांग्रेस के नेतृत्व में बदलाव होने से वे नीतियां अपने आप रद्द नहीं हो जातीं, जिन्हें कार्यकारी आदेशों, संघीय नियमों और प्रशासनिक फैसलों के ज़रिए लागू किया गया था। राजनीतिक बदलाव, विधायी सुधार और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच का अंतर यह समझने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है कि चुनाव परिणामों का अमेरिका में काम करने वाले विदेशी कर्मचारियों के लिए क्या मतलब हो सकता है।
'इमिग्रेशन एंड नेशनैलिटी एक्ट' (INA) अमेरिकी आप्रवासन प्रणाली के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करता है। कांग्रेस इसका व्यापक कानूनी ढांचा तय करती है, जिसमें रोजगार-आधारित आप्रवासन के प्रावधान और विभिन्न वीज़ा श्रेणियों के लिए संख्यात्मक सीमाएं शामिल हैं। हालाँकि, इन कानूनों को लागू करने के लिए संघीय सरकार के पास भी काफी अधिकार हैं। डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS), US सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS), डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट और डिपार्टमेंट ऑफ लेबर जैसी एजेंसियां नियमों, कार्यकारी आदेशों, नीतिगत दिशानिर्देशों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के माध्यम से आव्रजन (इमिग्रेशन) नीतियों को लागू करती हैं। इन तरीकों के ज़रिए H-1B प्रोग्राम को प्रभावित करने वाले कई बदलाव किए गए हैं। उदाहरण के लिए, दिसंबर 2025 में DHS का एक अंतिम नियम जारी किया गया, जिसमें H-1B रजिस्ट्रेशन के लिए एक 'वेटेड सिलेक्शन प्रोसेस' (भारित चयन प्रक्रिया) शुरू की गई; यह नियम फरवरी 2026 से लागू हो गया। यह प्रणाली आम तौर पर अधिक वेतन और उच्च कौशल वाले पदों के लिए किए गए पंजीकरणों को अधिक महत्व देती है। प्रशासन ने राष्ट्रपति की घोषणाओं और अन्य प्रशासनिक उपायों के ज़रिए अतिरिक्त प्रतिबंध और लागतें भी लागू की हैं। कांग्रेस की संरचना बदलने पर ऐसी नीतियां अपने आप समाप्त नहीं हो जातीं।
कांग्रेस के एक या दोनों सदनों में डेमोक्रेटिक बहुमत होने से प्रशासन की आव्रजन (इमिग्रेशन) नीतियों की जांच-पड़ताल बढ़ सकती है। सांसद जांच कर सकते हैं, सुनवाई आयोजित कर सकते हैं, अधिकारियों से सवाल पूछ सकते हैं और कांग्रेस की निगरानी शक्तियों का इस्तेमाल करके यह देख सकते हैं कि आव्रजन नियमों को कैसे लागू किया जा रहा है। वे मौजूदा आव्रजन कानूनों में संशोधन के लिए विधेयक ला सकते हैं, सरकारी फंडिंग के फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं और प्रस्तावित नीतिगत बदलावों को चुनौती दे सकते हैं। हालांकि, इन शक्तियों का मतलब यह नहीं है कि कांग्रेस के पास मौजूदा आव्रजन नियमों को तुरंत रद्द करने का अधिकार है। एक बार लागू हो चुका नियम तब तक प्रभावी रहता है, जब तक कि संबंधित एजेंसी उसमें संशोधन न करे या उसे वापस न ले ले, कोई अदालत उसे अमान्य न घोषित कर दे, या फिर कोई नया कानून उसे बदल न दे। किसी भी विधायी प्रयास को कांग्रेस में जरूरी चरणों से गुजरना होगा और उस पर राष्ट्रपति की मंजूरी लेनी होगी। अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी विधेयक को खारिज (वीटो) कर देते हैं, तो सांसदों को उनके वीटो को पलटने के लिए जरूरी समर्थन जुटाना होगा। इसलिए, कांग्रेस में प्रतिनिधित्व में बड़ा बदलाव आने के बावजूद, H-1B कर्मचारियों को तुरंत कोई राहत मिलने की संभावना कम ही है।
H-1B वर्कर क्या उम्मीद कर सकते हैं
H-1B वीज़ा धारकों और इसके लिए आवेदन करने की सोच रहे लोगों के लिए, प्रशासनिक बदलावों और विधायी सुधारों के बीच का अंतर समझना बहुत ज़रूरी है। इस प्रोग्राम के कई पहलू - जैसे रजिस्ट्रेशन और चयन की प्रक्रिया, नियोक्ताओं के लिए अनुपालन की शर्तें, याचिकाओं पर निर्णय लेने की प्रक्रिया और रोज़गार से जुड़े कुछ नियम - अलग-अलग नियमों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के तहत आते हैं। संबंधित एजेंसियां इनमें बदलाव कर सकती हैं। हालाँकि, वीज़ा की संख्या की कानूनी सीमा , रोज़गार-आधारित इमिग्रेशन के लंबित मामले और स्थायी निवास पाने के पूरे ढांचे में बड़े बदलाव करने के लिए अमेरिकी कांग्रेस की कार्रवाई की ज़रूरत होगी। अमेरिकी कांग्रेस के नेतृत्व में बदलाव होने से, USCIS द्वारा आवेदनों को प्रोसेस करने या नियोक्ताओं द्वारा विदेशी वर्करों को स्पॉन्सर करने के नियमों में अपने-आप कोई बदलाव नहीं आ जाता।