By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 21, 2022
सियोल। दक्षिण कोरिया के डोंग-ए विश्वविद्यालय के प्रोफेसर कांग दोंग वान ने कहा है कि दक्षिण कोरियाई द्वीप समूह पर उत्तर कोरिया से आने वाले कचरा महत्वपूर्ण हो सकता है क्योंकि इससे हम यह सीख सकते हैं कि उत्तर कोरिया में कौन से उत्पाद निर्मित होते हैं और लोग वहां किन वस्तुओं का उपयोग करते हैं। कांग (48) ने एपी से कहा कि उन्हें अपने शोध को पूरा करने के लिए इस पद्धति की ओर रुख करना पड़ा क्योंकि कोविड-19 महामारी में बाहरी लोगों के लिए यह पता लगा पाना मुश्किल हो गया था कि उत्तर कोरिया के अंदर क्या हो रहा है। उत्तर कोरिया दुनिया के सबसे अधिक बंद देशों में से एक है।
कांग ने बताया कि कोविड-19 महामारी से पहले वह उत्तर कोरियाई लोगों से मिलने के लिए नियमित रूप से चीनी सीमावर्ती शहरों का दौरा करते थे। इस दौरान कई बार उन्होंने उत्तर कोरियाई उत्पाद खरीदे और नदी की सीमा के पार उत्तर कोरियाई गांवों की तस्वीरें भी खींची। हालांकि, अब वायरस को लेकर चीन के प्रतिबंध विदेशी यात्रियों को आने की अनुमति नहीं देते हैं। कांग ने सितंबर 2020 से, देश के पांच दक्षिण कोरियाई सीमावर्ती द्वीपों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जूस पाउच, पेय पदार्थों की बोतलों सहित उत्तर कोरियाई कचरे के लगभग दो हजार टुकड़े इकट्ठा किए। कांग ने कहा कि वह दर्जनों अलग-अलग प्रकार की रंगीन पैकेजिंग सामग्री देखकर हैरान हो गए, जिनमें से कई आइसक्रीम बार, दूध और दही आदि उत्पादों के लिए थी। उन्होंने बताया कि कई उत्पादों के पैकेटों में विभिन्न प्रकार के ग्राफिक, कार्टून चरित्र आदि छपे थे। कुछ अब भी पश्चिमी मानकों से पुराने लग सकते हैं और कुछ में दक्षिण कोरियाई और जापानी डिजाइनों की नकल भी है। उत्तर कोरिया में स्वास्थ्य के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने वाली वेबसाइट डीपीआरकेहैल्थडॉटओआरजी के प्रमुख आह क्यूंग-सु ने कहा कि अन्य विशेषज्ञ सरकारी मीडिया के माध्यम से उत्तर कोरिया में उत्पादों और पैकेजिंग डिजाइनों की विविधता का अध्ययन करते हैं, लेकिन कांग का कचरा संग्रह गहन विश्लेषण प्रदान करता है।