By अंकित सिंह | Aug 11, 2026
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को 'वंदे मातरम बिल' को मंज़ूरी दे दी, जिससे राष्ट्रीय गीत को भी राष्ट्रीय गान के समान कानूनी संरक्षण मिल गया है। संसद ने पिछले महीने 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026' पास किया, जिसमें 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971' में संशोधन किया गया। इस कानून का मकसद 'वंदे मातरम' को भी राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' जैसी ही कानूनी सुरक्षा देना है।
बिल में कहा गया है कि अभी 'वंदे मातरम' के गायन के अपमान को रोकने के लिए कोई खास कानूनी प्रावधान नहीं है, जबकि इसे राष्ट्रीय गीत का सम्मान प्राप्त है। इसलिए, किसी व्यक्ति को राष्ट्रीय गीत गाने से जानबूझकर रोकने या ऐसे गायन में लगी किसी सभा में बाधा डालने से रोकने के लिए, उक्त अधिनियम की धारा 3 में संशोधन करके राष्ट्रीय गीत को भी इसके दायरे में लाने का प्रस्ताव है, ताकि ऐसे कार्यों को दंडनीय बनाया जा सके।
बिल में आगे कहा गया है कि संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 24 जनवरी, 1950 को कहा था कि बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित गीत 'वंदे मातरम' - जिसने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी - को राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' के समान ही सम्मान दिया जाएगा और उसे उसके बराबर का दर्जा प्राप्त होगा।
देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।