Varada Chaturthi पर भूलकर भी न करें ये 5 Big Mistakes, वरना रूठ जाएंगे विघ्नहर्ता गणपति

By दिव्यांशी भदौरिया | May 17, 2026

ज्येष्ठ अधिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर वरदा चतुर्थी मनाई जाती है। यह तिथि प्रथम पूज्य गणेश जी को समर्पित है। वरदा चतुर्थी के दिन श्री गणेश की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन भगवान गणेश जी की विधिवत रुप से पूजा-अर्चना करने का विधान है। 

भूलकर भी न करें ये काम

पूजा में न करें तुलसी का प्रयोग

धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान गणेश की पूजा में तुलसी दल को शामिल नहीं करना चाहिए। धार्मिक कथा के अनुसार, भगवान ने तुलसी को श्राप दिया था। इसलिए गणेश जी पूजा में तुलसी के पत्ते भूलकर भी शामिल नहीं करना चाहिए।

काले रंग के कपड़े पहनना

हिंदू धर्म में पूजा के दौरान काले रंग के कपड़े पहनना शुभ नहीं माना जाता है। वरदा चतुर्थी के दिन काले रंग के कपड़े धारण न करें। ऐसा करने नकारात्मकता आती है और साधक से भगवान गणेश रुष्ट हो सकते हैं।

तामसिक भोजन का सेवन करना

इस दिन तामसिक भोजन से दूरी बनाना चाहिए। इससे गणेश जी अप्रसन्न हो सकते हैं और कामों में सफलता नहीं मिलती है।

बुजुर्गों का अपमान करना

वरदा चतुर्थी के दिन माता-पिता या घर के बुजुर्गों का अपमान न करें।

 वाद-विवाद करना- वरदा चतुर्थी के दिन किसी से वाद-विवाद न करें। इसके अलावा किसी के बारे में गलत न सोचें। ऐसा करने से पूजा सफल नहीं होती। इसके साथ ही जीवन में परेशनियां बढ़ जाती है। इसके साथ ही मंदिर और घर में गंदगी न रखें। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है।

कब मनाई जाएगी वरदा चतुर्थी

इस बार 20 मई को वरदा चतुर्थी मनाई जाएगी। ज्येष्ठ अधिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत- 19 मई को दोपहर 02 बजकर 18 मिनट पर होगा और ज्येष्ठ अधिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का समापन- 20 मई को सुबह 11 बजकर 06 मिनट पर होगा। 

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