By विंध्यवासिनी सिंह | Sep 23, 2020
ऑफिस ऐसी जगह है, जहां किसी भी कामकाजी मनुष्य के जीवन का महत्वपूर्ण समय व्यतीत होता है, और हर कोई अपने ऑफिस में आजीविका के लिए धन कमाने का प्रयास करता है। यकीन मानिये, ऑफिस का निर्माण भी घर के निर्माण जितना ही महत्त्वपूर्ण है। ऐसे में ऑफिस के निर्माण के समय वास्तु-शास्त्र के नियमों को जान लेना बेहद आवश्यक है।
ऑफिस की दीवारों को रंगने के लिए हल्के रंगों का चुनाव करना वास्तु के अनुसार शुभ बताया गया है। ऑफिस की दीवारों को रंगने के लिए सफेद क्रीम या पीले रंग का चुनाव कर सकते हैं, क्योंकि यह हल्के रंग रोशनी को कम करते हैं। वहीं अगर आप ऑफिस में पानी की व्यवस्था ईशान कोण में करते हैं तो यह आपके लिए बेहद शुभ होगा। ईशान कोण यानि कि उत्तर पूर्व दिशा।
ऑफिस के मेन गेट के ठीक सामने किसी भी टेबल को नहीं रखना चाहिए, क्योंकि यह सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बाधित करता है। वहीं, ऑफिस के मुख्य गेट के सामने किसी शुभ चिन्ह जैसे कि भगवान गणेश या स्वास्तिक को लगाएं। इससे सकारात्मक ऊर्जा आपके ऑफिस में प्रवेश करती है।
इसके साथ ही ऑफिस के मालिक या बॉस का कमरा मुख्य द्वार से लगा लगा हुआ या सटा हुआ नहीं होना चाहिए। मुख्य द्वार पर किसी ऐसे कर्मचारी का टेबल लगा होना चाहिए, जो आगंतुकों और बॉस के बीच में संपर्क स्थापित करने में मदद करता है। आधुनिक भाषा में आप कह सकते हैं कि ऑफिस के मेन गेट के पास रिसेप्शन होना चाहिए।
ऑफिस के मालिक या बॉस की कुर्सी के पीछे कभी भी खिड़की का निर्माण ना हो और ना ही बॉस की कुर्सी के ऊपर बीम पड़े, क्योंकि यह आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।
बॉस की कुर्सी के पीछे अगर मजबूत दीवार बनी हो तो वास्तु के हिसाब से यह बेहद शुभ होता है। बॉस की टेबल पर जो भी महत्वपूर्ण फाइलें और डाक्यूमेंट्स रखे जाते हैं, उनका मुंह उत्तर पूर्व की दिशा की तरफ रखा जाए, तो कारोबार में तरक्की होने की संभावना बढ़ जाती है। कंप्यूटर अगर बॉस के टेबल पर रखा है, तो कुर्सी और कंप्यूटर के बीच में कम से कम 2 फीट की दूरी जरूर रहे।
वास्तु शास्त्र कहता है कि ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों के चेहरे उतर या पूर्व की तरफ होना चाहिए, इससे ऑफिस की तरक्की होती है।
ऑफिस में काम करने वाले कैशियर या खजांची को लेकर वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि कभी भी कैशियर को सभी कर्मचारियों के साथ नहीं बैठना चाहिए, बल्कि कैशियर को अलग से स्थान देना चाहिए ।
इसी तरह से ऑफिस में बेकार पड़ी चीजों को एकत्रित ना करें, बल्कि समय-समय पर उनकी साफ-सफाई करते रहें और बेकार चीजों को बाहर निकालते रहें। ज़ाहिर तौर पर बेकार पड़ी चीजें नकारात्मकता को बढ़ावा देती हैं और मानसिक तनाव का कारण बनती हैं।
अगर ऑफिस निर्माण के समय इन बातों पर ध्यान दिया गया तो अवश्य ही आपका ऑफिस तरक्की करेगा।
- विंध्यवासिनी सिंह