By दिनेश शुक्ल | Oct 31, 2020
ग्वालियर। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बयान जिसमें उन्होंने कहा था कि "मेरी आवाज बंद करने का काम किया जा रहा है" पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा ने कहा है कि कमलनाथ जी आपकी आवाज तो खुली है, लेकिन आवाज और लेखनी बंद करने का इतिहास कांग्रेस का रहा है। देश में किसी ने भी कांग्रेस के खिलाफ आवाज उठाई या आपके खिलाफ लिखा तो इंदिरा गांधी ने इमरजेंसी लगाकर 19 महीनों के लिए जेल में डाल दिया था। जिसके रणनीतिकार कमलनाथ थे। इसलिए आपको एक संवैधानिक संस्था पर प्रश्न खड़ा करने का कोई अधिकारी नहीं है। देश में चुनाव आयोग द्वारा दलित अस्मिता और नारी सम्मान के लिए यह कदम उठाया गया है, देश में चुनाव आयोग निष्पक्ष संवैधानिक संस्था है।
शर्मा ने कमलनाथ से प्रश्न करते हुए कहा कि जिस प्रकार से कांग्रेस के विधायक आरिफ मसूद आतंकवाद का समर्थन कर रहे हैं, तो क्या कांग्रेस आतंकवाद समर्थक हैं, क्या इन नेताओं पर कोई कार्यवाही करेगी ? उन्होंने कहा कि आतंकवाद का समर्थन आज से नहीं, यह कांग्रेस का इतिहास रहा है। चाहे वह दिग्विजय सिंह हो या कमलनाथ हों, धारा-370 की पुनः बहाली की बात करते हैं। प्रदेश की जनता सोनिया गांधी और कमलनाथ से यह सवाल पूछना चाहती है कि आरिफ मसूद जैसे आपके नेता आतंकवाद के समर्थन में क्यों खड़े हैं। शर्मा ने कहा कि चुनाव आयोग के आदेशों का पालन सभी को करना है। कमलनाथ ने केंद्रीय चुनाव आयोग के आदेश पर प्रश्न खड़ा किया, सीईओ को पत्र लिखा और प्रदेश के अधिकारियों व कर्मचारियों तक को बेईमान बता दिया। कमलनाथ को किसी भी संवैधानिक संस्था पर विश्वास नहीं है वह अपने आप को मर्यादा पुरूषोत्तम समझ रहे हैं। कमलनाथ तो बाबा साहब के संविधान को भी दरकिनार करना चाहते हैं।
वही मीडिया के प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने समाज के प्रत्येक वर्ग का विकास तो किया ही है। आज इस देश में दलितों की अस्मिता के सम्मान से लेकर बाबा साहब के विचारों पर काम करने का प्रयास केवल भारतीय जनता पार्टी ने किया है। कमलनाथ जिंदगी भर शराब माफिया के साथ बैठकर धंधा करते रहे। डूबती हुई नैया देखकर कांग्रेस के नेता अनर्गल बयानवाजी कर रहे हैं। न ही 15 महीनों का हिसाब देंगे, न ही जनता के विकास की बात करेंगे और न ही नेतृत्व की बात करेंगे। इसलिए प्रदेश की जनता आपको 3 नवम्बर को करारा जवाब देगी।