By रेनू तिवारी | Jan 12, 2026
महाराष्ट्र के सतारा जिले से एक ऐसी दुखद खबर सामने आई है, जिसने पूरे देश की आंखों में आंसू ला दिए हैं। भारतीय सेना के एक जवान प्रमोद जाधव, जो अपनी आने वाली संतान के स्वागत के लिए छुट्टियों पर घर आए थे, एक सड़क हादसे में जान गंवा बैठे। नियति की विडंबना देखिए कि पिता के निधन के महज 8 घंटे बाद उनकी नन्ही परी ने दुनिया में कदम रखा।
सतारा के परली इलाके के निवासी प्रमोद जाधव भारतीय सेना में कार्यरत थे। वे अपनी पत्नी की डिलीवरी के लिए 'पैटर्निटी लीव' (पितृत्व अवकाश) लेकर घर आए हुए थे। प्रमोद अपनी पत्नी और होने वाले बच्चे के लिए बेहद उत्साहित थे। प्रमोद के निधन के कुछ ही घंटों बाद उनकी पत्नी ने एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया। एक तरफ मौत का सन्नाटा था और दूसरी तरफ नई जिंदगी की किलकारी। श्मशान घाट पर जो दृश्य दिखा, उसने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखों में आंसू ला दिया। जवान की पत्नी, जो अभी प्रसव के दर्द और सर्जरी से उबर भी नहीं पाई थीं, उन्हें अस्पताल से सीधे स्ट्रेचर पर श्मशान घाट लाया गया। अपनी कोख से जन्मी महज 8 घंटे की बेटी को साथ लेकर वह अपने पति को आखिरी बार देखने पहुंचीं।
सतारा तालुका के दरे (Dare) गांव के निवासी प्रमोद जाधव भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे थे। वे कुछ व्यक्तिगत कार्यों और अपनी पत्नी की डिलीवरी के लिए छुट्टी लेकर घर आए हुए थे। सोमवार को जब वे अपनी बाइक से किसी काम के लिए जा रहे थे, तभी एक भीषण सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। अस्पताल ले जाने के दौरान घावों के ताव न सहते हुए उन्होंने दम तोड़ दिया।
जवान प्रमोद जाधव का अंतिम संस्कार 'गार्ड ऑफ ऑनर' के साथ किया गया। सेना के जवानों और स्थानीय प्रशासन ने उन्हें पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। पूरा दरे गांव "वीर जवान अमर रहे" के नारों से गूंज उठा।