विजय का बहरूपिया, जिसने पलटा चुनाव, स्टालिन को हराने वाले शख्स की कहानी

By अभिनय आकाश | May 05, 2026

कई बार उलटफेर इतना जोरदार होता है कि सत्ताधारी पार्टी तो चुनाव हारती ही है। खुद उस पार्टी का मुखिया और सूबे का मुख्यमंत्री भी अपनी सीट नहीं बचा पाता। तमिलनाडु में ऐसा ही हुआ। सत्ताधारी पार्टी डीएमके तो हारती ही दिख रही है। उसके मुखिया और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन खुद अपनी सीट हार गए हैं। स्टालिन अपनी सीट भी नहीं बचा पाए। हराया किसने? उसी पार्टी के नेता ने जो पहली बार चुनाव लड़ रही थी यानी टी वीके। विजय की पार्टी ने कोलाथूर सीट से सीएम स्टालिन के खिलाफ वी एस बाबू को चुनावी मैदान में उतारा था। कोलाथूर विधानसभा क्षेत्र तमिलनाडु के चेन्नई जिले में पड़ता है। एक लिहाज से देखा जाए तो यह सबसे प्रमुख सीट मानी जाएगी क्योंकि खुद मुख्यमंत्री यहां से विधायक थे और यहीं से वीएस बाबू ने एमके स्टालिन को पटकनी दे दी है। कोलाथूर सीट से वीएस बाबू को 82997 वोट मिले थे। जबकि स्टालिन के खाते में है 74202 वोट। यानी स्टालिन 8795 वोटों के अंतर से अपनी सीट हार गए हैं।   

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कभी डीएमके के थे सिपहसालार

बाबू साल 2006 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में डीएम के उम्मीदवार के तौर पर पुरा सवालकम सीट से लड़े थे। उन्होंने एआईए डीएमके के अपने प्रतिद्वंदी को 90 हजार वोटों से करारी शिकस्त दी थी। वीएस बाबू का पुराना चुनावी हलफनामा बताता है कि वह सिर्फ आठवीं तक पड़े हैं। लगभग 3 करोड़ 70 लाख की संपत्ति के मालिक हैं और उनके ऊपर कोई कर्ज नहीं है। कोई आपराधिक मामला भी दर्ज नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2011 के इलेक्शन में डीएमके ने उन्हें कोलथुर विधानसभा सीट का चुनावी प्रभारी बनाया था। डीएमके का मजबूत गढ़ माने जाने वाली इस सीट के से एमके स्टालिन चुनाव लड़ रहे थे। जब चुनाव के नतीजे आए तो स्टालिन इस चुनाव में अपने प्रतिद्वंदी एआईए डीएमके के एस एस दुरसामी का को मुश्किल से हरा पाए थे। मार्जिन सिर्फ 3000 वोटों की थी। कहा जाता है कि इसके बाद विधानसभा प्रभारी वीएस बाबू को तलब किया गया। करीबी मुकाबले पर उनसे सवाल जवाब हुए। इसके कुछ समय बाद बाबू ने डीएमके पार्टी छोड़ दी। वो एआईए डीएमके में शामिल हो गए। तमिलनाडु की राजनीतिक परिदृश्य में इसके बाद से वह वीएस बाबू ओझल हो चुके थे। फिर आती है फरवरी 2026 अभिनेता दलपति विजय ने ऐलान किया कि उनकी नई पार्टी टीवी के विधानसभा चुनाव लड़ेगी। 7 फरवरी 2026 को वी एस बाबू उनके साथ हो लिए। विजय की मौजूदगी में उन्होंने टीवी का दामन थाम लिया।

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