By अभिनय आकाश | Jun 15, 2026
फ्रांस में आयोजित होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन से पहले स्विट्जरलैंड के जिनेवा शहर में हजारों लोगों के विरोध प्रदर्शन ने पूरी व्यवस्था को हिला कर रख दिया। तकरीबन 20,000 से अधिक लोग इस मार्च में शामिल हुए और शुरुआत ही कुछ ऐसी हुई जिससे पूरा सिस्टम हिल गया। देखते ही देखते हालात तनावपूर्ण हो गए। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें शुरू हो गई और फिर प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने संयुक्त राष्ट्र भवन और दूसरे संस्थानों के बाहर अपना आक्रोश व्यक्त किया। कई लोगों ने उन संस्थाओं को वैश्विक पूंजीवाद और बहुपक्षीय सत्ता संरचनाओं के प्रतीक के रूप में चरित्रित करते हुए उन पर हमला शुरू कर दिया। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने सड़क से ईंटें उखाड़कर पुलिस की ओर फेंकनी शुरू कर दी। जवाब में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। ताकत का इस्तेमाल किया गया और देखते ही देखते शहर की सड़कों पर फैली आंसू गैस के कारण अफरातफरी का माहौल बन गया।
जिनेवा की घटनाओं ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि किस तरह से लगातार वहां G7 जैसे सम्मेलनों का विरोध होता रहा है क्योंकि वहां मौजूद लोगों को लगता है कि यह लोग दुनिया भर में असंतोष पैदा करने की कोशिश करते हैं। हालांकि बताया जा रहा है कि अधिकांश प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण विरोध के पक्षधर थे। लेकिन देखते ही देखते कुछ समूहों की हिंसक गतिविधियों ने आंदोलन को लगातार विवादित बना दिया और फिर जबरदस्त हिंसा देखने को मिली। जिसके कारण इस प्रदर्शन पर कई तरह के सवाल खड़े हो गए और आने वाले दिनों में माना जा रहा है कि G7 सम्मेलन के दौरान भी कई और विरोध प्रदर्शन देखने को मिलेंगे।