By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 21, 2026
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को कहा कि राज्य में नक्सलवाद के खिलाफ मिली निर्णायक सफलता पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों के अदम्य साहस, शौर्य, कर्तव्यनिष्ठा एवं सर्वोच्च बलिदान का परिणाम है। अधिकारियों ने बताया कि साय ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के परिसर में आयोजित परेड को संबोधित किया और सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों को कर्तव्य पथ पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा, “छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ मिली निर्णायक सफलता हमारे पुलिस और सुरक्षा बलों के वीर जवानों के अदम्य साहस, शौर्य, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान का परिणाम है।
उन्होंने शहीद पुलिस अधिकारियों और जवानों के परिजनों को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। साय ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस देश की एकता, अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों की वीरता को याद करने का अवसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस और सुरक्षा बल कठिन परिस्थितियों में भी साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ नागरिकों की सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्पर रहते हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस और सुरक्षा बलों के समर्पण से ही समाज में शांति और सुरक्षा का वातावरण कायम रहता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 अक्टूबर, 1959 को लद्दाख में भारत-तिब्बत सीमा पर तैनात भारतीय पुलिस के जवानों ने चीनी सैनिकों के एक बड़े दस्ते का साहसपूर्वक सामना किया था और इस संघर्ष में 10 जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि इन जवानों की शहादत की स्मृति में हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।
साय ने कहा कि यह दिवस उन सभी पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों के जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी। साय ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस केवल शहीदों को श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का दिन भी है। उन्होंने कहा कि जब कोई जवान देश और समाज की सुरक्षा के लिए कर्तव्य पथ पर तैनात होता है, तो उसके पीछे उसके पूरे परिवार का त्याग, धैर्य और साहस भी होता है इसलिए शहीद जवानों के परिवारों का सम्मान और कल्याण सरकार की जिम्मेदारी तथा सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने शहीद परिवारों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिजनों ने जिस साहस और धैर्य के साथ अपने प्रियजनों के बलिदान को राष्ट्रसेवा के गौरव में बदला है, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है। साय ने कहा कि प्रदेश अपने अमर शहीदों और उनके परिवारों के योगदान को कभी नहीं भूलेगा।