By Prabhasakshi News Desk | Sep 22, 2024
नयी दिल्ली । कर्ज के बोझ से दबी दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया (वीआईएल) ने 4जी और 5जी नेटवर्क उपकरणों की आपूर्ति के लिए नोकिया, एरिक्सन और सैमसंग को 30,000 करोड़ रुपये का अनुबंध दिया है। कंपनी ने रविवार को यह जानकारी दी। यह अनुबंध तीन साल के लिए है। यह इस साल किसी भी भारतीय दूरसंचार परिचालक द्वारा दिया गया सबसे बड़ा सौदा है। कंपनी ने इससे पहले तीन साल में 6.6 अरब डॉलर या 55,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय की घोषणा की थी। यह सौदा इस दिशा में पहला कदम है।
बयान में कहा गया है कि 1.2 अरब भारतीयों तक 4जी सेवा (कवरेज) का विस्तार कंपनी की शीर्ष प्राथमिकता है। वीआईएल के सीईओ अक्षय मूंदड़ा ने कहा कि कंपनी ने निवेश चक्र शुरू कर दिया है और यह एक नए दौर की शुरुआत है। उन्होंने कहा, इसके बाद से वीआईएल उद्योग के वृद्धि अवसरों में प्रभावी रूप से भाग लेने के लिए एक कुशल बदलाव करेगा। नोकिया और एरिक्सन शुरुआत से ही हमारे साझेदार रहे हैं और यह उस निरंतर साझेदारी में एक और मील का पत्थर है। उन्होंने कहा, सैमसंग के साथ अपनी नई साझेदारी शुरू करके हमें खुशी हो रही है। हम 5जी युग में आगे बढ़ने के साथ अपने सभी भागीदारों के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर हैं।
वोडाफोन आइडिया (वीआईएल) अगस्त 2018 में वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर के विलय से बनी थी। उस समय इसका ग्राहक आधार 40.8 करोड़ था और यह सबसे बड़ी दूरसंचार परिचालक थी। दूरसंचार नियामक ट्राई के आंकड़ों के अनुसार वीआईएल के पास अब 21.5 करोड़ मोबाइल सेवा ग्राहक रह गए हैं। कंपनी ने हाल ही में इक्विटी बिक्री के माध्यम से 24,000 करोड़ रुपये जुटाए थे। वीआईएल ने कहा कि उसने एक स्वतंत्र तीसरे पक्ष द्वारा कंपनी के दीर्घकालिक अनुमानों का तकनीकी आर्थिक मूल्यांकन पूरा कर लिया है। रिपोर्ट सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों को सौंप दी गई है, जिसके आधार पर बैंक अब अपने आंतरिक मूल्यांकन और अनुमोदन प्रक्रियाओं के साथ आगे बढ़ेंगे।