दिल्ली के आसमान में भरी ज्वालामुखी की राख, पहले से ही जहरीली हवा में अब आया यह नया खतरा सेहत पर क्या डालेगा असर?

By अभिनय आकाश | Nov 25, 2025

उत्तरी इथियोपिया में हुए ज्वालामुखी विस्फोट से भारत के कई हिस्सों में स्वास्थ्य संबंधी चिंताएँ पैदा हो गई हैं। इथियोपिया के अफ़ार क्षेत्र में लंबे समय से निष्क्रिय हेली गुब्बी ज्वालामुखी सप्ताहांत में फट गया, जिससे राख का गुबार 14 किलोमीटर ऊँचा उठ गया। ज्वालामुखी की राख लाल सागर को पार करते हुए यमन और ओमान की ओर बढ़ी और फिर पाकिस्तान और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों तक पहुँच गई। राख का यह बादल चीन की ओर बढ़ रहा है और मंगलवार (25 नवंबर) को 14:00 GMT (भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे) तक भारतीय आसमान से विदा होने की उम्मीद है। राख का बादल सोमवार देर रात भारत में प्रवेश कर गया, जिससे मानव स्वास्थ्य और वायु गुणवत्ता पर इसके प्रभाव की आशंकाएँ बढ़ गई हैं। भारत के विमानन नियामक, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने भी कल सभी एयरलाइनों को ज्वालामुखी की राख से प्रभावित क्षेत्रों से बचने की सलाह जारी की।

वैज्ञानिकों का कहना है कि ज्वालामुखी की राख के संपर्क में आने से आंख, त्वचा तथा श्वसन तंत्र संबंधी कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। खांसी, गले में जलन, आंखों का लाल होना, सिरदर्द या थकान जैसे लक्षण दिख सकते हैं। वहीं यदि किसी को अस्थमा या ब्रोंकाइटिस की समस्या है तो उन्हें अधिक मुश्किल पैदा हो सकती है।

इसे भी पढ़ें: Ethiopian Volcano | हेली गुब्बी की राख से दिल्ली में आसमान काला, उड़ानें रद्द, एयरलाइंस को सतर्क रहने का निर्देश

ज्वालामुखी विस्फोट स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करते हैं

जब ज्वालामुखी फटता है, तो वह ज्वालामुखी गैसों और राख जैसे खतरनाक कणों को हवा में छोड़ सकता है। कार्बन डाइऑक्साइड और फ्लोरीन, जो मानव स्वास्थ्य के लिए विषाक्त हैं, ज्वालामुखी की राख में जमा हो सकते हैं। अन्य ज्वालामुखी गैसें जो स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं, वे हैं सल्फर डाइऑक्साइड, हाइड्रोजन क्लोराइड, हाइड्रोजन सल्फाइड, रेडॉन, हाइड्रोजन फ्लोराइड और सल्फ्यूरिक एसिड इन गैसों को साँस में लेना, जिनमें से कई गंधहीन या अदृश्य होती हैं, हानिकारक हो सकता है। अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के अनुसार, इन ज्वालामुखी गैसों को साँस में लेने से आँखों में जलन, उल्टी, चक्कर आना, सिरदर्द, साँस लेने में समस्या और यहाँ तक कि मृत्यु जैसे लक्षण हो सकते हैं।

दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम का नियम

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार ने GRAP-3 में बदलाव के बाद बड़ा कदम उठाया है। नए आदेश के अनुसार, सभी दिल्ली सरकारी दफ्तरों और प्राइवेट ऑफिसों में अधिकतम 50% कर्मचारी ही ऑफिस आएंगे, बाकी कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से वर्क फ्रॉम होम करना होगा।

प्रमुख खबरें

Crude Oil में गिरावट का असर, Government का संकेत- अब सस्ता हो सकता है हवाई सफर

China की Geely और Renault का 3000 करोड़ी दांव, भारत में बनेंगे Next-Gen Hybrid इंजन

अब Vaibhav Sooryavanshi के छोटे भाई Aashirwad का तूफान, ठोके लगातार दो Century

Online Fraud पर RBI का बड़ा फैसला, बैंक ग्राहकों को मिलेगा ₹25,000 तक का Compensation, जानें नए नियम।