By अनन्या मिश्रा | Apr 18, 2026
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस पौधे में मां लक्ष्मी का वास होता है। अगर आप नियमित रूप से विधिविधान के साथ तुलसी की पूजा करती हैं, साथ ही तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाती हैं। तो घर में हमेशा सुख-शांति बनी रहती है। वहीं मान्यता है कि तुलसी के पौधे की पूजा सही तरीके और नियमों के हिसाब से नहीं की जाती है, तो इसके नकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं।
सुबह और शाम किसी भी समय तुलसी की पूजा की जाती है, लेकिन पूजा के लिए शुभ समय ब्रह्म मुहूर्त से लेकर सूर्योदय के बाद के कुछ घंटों का ही माना जाता है। आप सुबह 04:00 बजे से 08:00 बजे तक किसी भी समय तुलसी की पूजा कर सकती हैं। वहीं शाम के समय तुलसी की पूजा कर रहे हैं, तो सूर्यास्त के समय तुलसी की पूजा कर सकते हैं। कभी भी दिन के समय तुलसी की पूजा नहीं करनी चाहिए। वहीं सूतक और ग्रहण काल में भी तुलसी की पूजा नहीं करनी चाहिए। तुलसी पूजा का शुभ समय सुबह का माना जाता है।
हमेशा ब्रह्म मुहूर्त में या फिर शाम के समय तुलसी के पास दीपक जलाना चाहिए। ब्रह्म मुहूर्त में तुलसी को जल चढ़ाना, दीपक जलाना और 7 बार परिक्रमा करना शुभ माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। साथ ही व्यक्ति को भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है। तुलसी के पौधे के पास सूर्यास्त के बाद का दीपक जलाना सबसे शुभ माना जाता है। लेकिन इस दौरान तुलसी को स्पर्श नहीं करना चाहिए।
सुबह के समय तुलसी के पौधे में जल चढ़ाना चाहिए। ब्रह्म मुहूर्त में तुलसी के पौधे में जल चढ़ाना सबसे शुभ माना जाता है और इससे ऊर्जा भी अधिक मिलती है। कभी भी सूर्यास्त के बाद या रात में तुलसी के पौधे में जल नहीं चढ़ाना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में नकारात्मक फल मिल सकता है। वहीं रविवार और एकादशी को तुलसी के पौधे में जल नहीं चढ़ाना चाहिए। इन दिनों में भगवान विष्णु के लिए मां तुलसी निर्जला उपवास करती हैं।