By अभिनय आकाश | Sep 02, 2026
मिडिल ईस्ट में जंग की तबाही अलग स्तर पर चल रही है। ईरान के राष्ट्रपति पेजिशियान इन दिनों किरगिस्तान में चल रहे एसइओ समिट में रूस और चीन के राष्ट्रपतियों से मुलाकात कर रहे हैं। लेकिन ये बात अमेरिका को खटक रही है। अमेरिका ने ना सिर्फ ईरान पर नए सिरे से हमले शुरू कर दिए हैं बल्कि ट्रंप ईरान पर किसी बड़े हमले की तैयारी में दिख रहे हैं। ईरानी राष्ट्रपति बिश्केक में उन नेताओं से मिल रहे हैं जो जंग में अमेरिकी हमले के खिलाफ हैं। इन नेताओं में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग है। रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन है जो किसी ना किसी तरह से अमेरिका के खिलाफ जंग में ईरान का साथ दे रहे हैं। इसे लेकर कई खबरें वायरल हैं। जिनके बारे में पूरी भनक ट्रंप को है। लेकिन बिश्केक के मंच से ईरान की दोस्ती चीन और रूस के साथ सरेआम जमती दिख रही है। उसे लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पारा सातवें आसमान पर है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के सैन्य ट्रकों का काफिला जो घातक मिसाइलों से लैस है। एक ऑर्डर और एक बटन दबाते ही यह मीलों दूर तबाही मचा सकते हैं। ट्रंप रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की इस ताकत की अनदेखी कर रहे हैं। ट्रंप कह रहे हैं कि ईरान हार गया है और इधर आईआरजीसी अपने तहखानों में छिपे ऐसे ऐसे ड्रोन दिखा रहा है जिनका इस्तेमाल अभी हुआ ही नहीं है। ईरान का दावा है कि ड्रोंस के साथ उसका पूरा बैलेस्टिक मिसाइल भंडार अभी भरा पड़ा है। इसे अमेरिका चाहकर भी नष्ट नहीं कर सकता बल्कि अब की बार जंग में घमासान होगा तो अमेरिका का कोई हथियार काम नहीं आएगा।