By अंकित सिंह | Feb 18, 2026
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने बुधवार को तमिलनाडु विधानसभा में संविधान में संशोधन की मांग करते हुए राज्य सरकारों को स्वायत्त निकायों में बदलने की बात कही और केंद्र पर सारी शक्ति अपने पास रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु को ऐसी स्थिति में धकेल दिया गया है जहां उसे अपने हक के फंड पाने के लिए केंद्र सरकार से संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हम ऐसी स्थिति में हैं जहां हमें हर फंड के लिए केंद्र सरकार से लड़ना पड़ता है। कब तक हम इस स्थिति में रहेंगे जहां वे देते हैं और हम लेते हैं? केंद्र-राज्य संबंधों का अध्ययन करने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट का पहला भाग विधानसभा में पेश कर दिया गया है।
स्टालिन ने कहा कि संविधान में संशोधन करके राज्य सरकारों को पूर्ण रूप से सशक्त सरकारों में बदलना होगा। सभी राज्यों को स्वायत्तता मिलनी चाहिए। हम अभी भी ऐसी स्थिति में हैं जहां हमें भूमि और वित्तीय शक्तियों पर अधिकार सुरक्षित करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। मुख्यमंत्री स्टालिन ने इस बात पर जोर दिया कि भारत जैसे विविधतापूर्ण देश के लिए संघवाद आधारशिला है और राज्य सरकारों के परिवर्तन की मांग को दोहराया। उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उसने राज्य सरकारों का सम्मान किए बिना सारी शक्ति अपने हाथ में ले रखी है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार, जिसने सारी शक्तियां अपने पास रखी हैं, राज्य सरकारों का सम्मान नहीं करती। हम कब तक इस स्थिति में रहेंगे जहां वे देते हैं और हम केवल लेते हैं? भारत जैसे विविधतापूर्ण देश के लिए संघवाद आधारशिला है। सभी राज्यों को स्वायत्तता मिलनी चाहिए। हम बार-बार झुकने वाले लोग नहीं हैं। हमें राज्य स्वायत्तता और केंद्र में संघवाद चाहिए; तभी हम सुशासन बहाल कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल की मांग नहीं है, बल्कि राजनीतिक मतभेदों से परे, सभी को राज्य स्वायत्तता की मांग को स्वीकार करना होगा। उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार, जिसने सारी शक्तियां अपने हाथों में केंद्रित कर रखी हैं, राज्य सरकारों का सम्मान नहीं करती।