By Ankit Jaiswal | Oct 15, 2026
टाटा समूह की एयर इंडिया इस समय बढ़ते खर्च और लगातार हो रहे नुकसान को कम करने की तैयारी में जुटी है। कंपनी ने इसके लिए खर्चों पर नियंत्रण रखने, काम करने के तरीकों में सुधार लाने और कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ाने की योजना बनाई है। एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तेवोल्डे गेब्रेमेरियम ने कर्मचारियों को भेजे एक आंतरिक संदेश में कहा है कि मौजूदा मुश्किल हालात में कंपनी के हर कर्मचारी को खर्च बचाने और कामकाज को बेहतर बनाने में अपनी भूमिका निभानी होगी।
मौजूद जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की कुछ इकाइयों के विभागों को मिलाने की योजना है। यह कदम ‘वन एयर इंडिया’ एकीकरण योजना के तहत उठाया जा सकता है। इसके साथ ही खर्चों की समीक्षा करने के लिए अलग-अलग विभागों के लोगों की एक स्थायी टीम बनाई जाएगी। यह टीम कंपनी के हर विभाग में होने वाले खर्चों का आकलन करेगी और उन तरीकों की पहचान करेगी, जिनसे काम की गुणवत्ता बनाए रखते हुए लागत घटाई जा सकती है। गेब्रेमेरियम ने कर्मचारियों से इस टीम को पूरा सहयोग देने की अपील की है।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि खर्च कम करने की जिम्मेदारी केवल किसी एक टीम या विभाग की नहीं हो सकती। इसके लिए कंपनी के हर कर्मचारी की सक्रिय भागीदारी और प्रतिबद्धता जरूरी है। कंपनी ने खर्चों को मंजूरी देने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया है। इसके तहत 1 अक्टूबर से सभी मंजूरियां विभाग प्रमुख, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के माध्यम से दी जाएंगी। इस बदलाव का मकसद खर्चों पर निगरानी बढ़ाना और फैसलों की जवाबदेही तय करना है।
खर्च घटाने की कोशिशों को कर्मचारियों से जोड़ने के लिए एयर इंडिया ने ‘प्रभाव-वैल्यू क्रिएटर अवॉर्ड’ नाम से एक नई पहल भी शुरू की है। इसके तहत कर्मचारी ऐसे सुझाव दे सकेंगे, जिनसे खर्च कम हो, कामकाज में तेजी आए और कमाई बढ़ाने के नए रास्ते मिलें। इसमें संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल, काम करने के तरीकों में सुधार, प्रक्रियाओं को आसान बनाना, ठेकों की शर्तों पर दोबारा बातचीत, खरीद प्रक्रिया में बचत और बर्बादी कम करने जैसे सुझाव शामिल होंगे। जरूरत के मुताबिक बाहर से कराए जाने वाले कुछ काम कंपनी के भीतर करने के सुझाव भी दिए जा सकेंगे।
कर्मचारी कंपनी की मौजूदा सेवाओं और सुविधाओं से ज्यादा कमाई करने या नए कारोबार के अवसर तलाशने से जुड़े विचार भी साझा कर सकते हैं। सभी सुझावों की तय प्रक्रिया के तहत समीक्षा होगी और जिन विचारों को लागू करना संभव होगा, उन्हें सम्मानित किया जाएगा। सुझाव जमा करने की प्रक्रिया की जानकारी अलग से दी जाएगी।
गेब्रेमेरियम ने कहा कि बड़े संगठन में छोटे-छोटे सुधार भी मिलकर बड़ा असर डाल सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार काम को करीब से समझने वाले कर्मचारियों के पास सबसे उपयोगी सुझाव होते हैं। उनके मुताबिक, बचाया गया हर रुपया कंपनी को अपने संचालन, सेवाओं, यात्रियों के अनुभव और भविष्य की बढ़त को मजबूत करने में मदद कर सकता है। गौरतलब है कि एयर इंडिया के सामने इस समय खर्च घटाने के साथ-साथ सेवा की गुणवत्ता बनाए रखने की चुनौती भी है, इसलिए कंपनी की नई योजना में कर्मचारियों की भागीदारी अहम मानी जा रही है।