AIDA: देश में Ethanol की कुल आपूर्ति 987 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज स्रोतों की 71% हिस्सेदारी

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 15, 2026

। चालू आपूर्ति वर्ष में सितंबर के अंत तक भारत में एथनॉल की कुल आपूर्ति 987 करोड़ लीटर के स्तर पर पहुंच गई। इसमें अनाज आधारित कच्चे माल की हिस्सेदारी 71 प्रतिशत से अधिक रही।

अनाज आधारित कच्चे माल से 705 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति हुई। यह कुल आपूर्ति का 71.4 प्रतिशत भाग है। इस श्रेणी के लिए 908 करोड़ लीटर का आवंटन किया गया था, जिसके मुकाबले आपूर्ति 77.6 प्रतिशत रही।

अनाज आधारित स्रोतों में मक्का का योगदान सबसे ज्यादा रहा। इससे 413 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति हुई, जो कुल आपूर्ति का 41 प्रतिशत से अधिक है। मक्के से एथनॉल आपूर्ति के लिए 614 करोड़ लीटर का आवंटन किया गया था।

भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के अधिशेष चावल से 233 करोड़ लीटर के आवंटन के मुकाबले 222 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति हुई। वहीं, खराब खाद्यान्नों से 60 करोड़ लीटर के निर्धारित आवंटन के मुकाबले 70 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति की गई। चीनी आधारित कच्चे माल से 282 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति हुई।

इस श्रेणी के लिए 289 करोड़ लीटर का आवंटन किया गया था। इस तरह आपूर्ति का लक्ष्य 97.6 प्रतिशत पूरा हो गया। गन्ने के शीरे से 166 करोड़ लीटर के आवंटन के मुकाबले 151 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति हुई।

बी-हेवी शीरे से 111 करोड़ लीटर के आवंटन के मुकाबले 115 करोड़ लीटर और सी-हेवी शीरे से 12 करोड़ लीटर के आवंटन के मुकाबले 16 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति की गई। एआईडीए की उपमहानिदेशक भारती बालाजी ने कहा कि दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा के लिए विभिन्न प्रकार के कच्चे माल पर आधारित एक मजबूत आपूर्ति नेटवर्क तैयार करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि निवेश को बनाए रखने और कृषि मूल्य श्रृंखला को समर्थन देने के लिए नीतिगत निरंतरता तथा एथनॉल के इस्तेमाल के व्यापक अवसर जरूरी हैं।

प्रमुख खबरें

केरल PM-Shri योजना से खुद नहीं हट सकता, शिक्षा मंत्री शमसुद्दीन ने विधानसभा में दी जानकारी

Pathum Nissanka चोट के चलते ODI Tri Series से बाहर, Sri Lanka ने Lahiru Udara को चुना

Maharashtra FDA ने खुले मसालों की बिक्री रोकी, उत्पादन केंद्र पर पैकेजिंग अनिवार्य

Tata Power Renewable Energy वित्त वर्ष 2028 तक करेगी ₹28,000 करोड़ का बड़ा Investment