हम उत्तर प्रदेश में नकारात्मक नहीं, सकारात्मक राजनीति करेंगे: प्रियंका गांधी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 13, 2022

नयी दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में नकारात्मक नहीं, बल्कि सकारात्मक चुनाव प्रचार करेगी ताकि राज्य के भविष्य को संवारा जा सके। उन्होंने विधानसभा चुनाव के लिए 125 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करते हुए यह भी कहा कि इस चुनाव के बाद भी वह उत्तर प्रदेश में पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करती रहेंगी। कांग्रेस के इन 125 उम्मीदवारों में 50 महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं। कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य यह है कि हमारी पार्टी मजबूत बने। हमने अपने कार्यकर्ताओं से कहा है कि हम नकारात्मक नहीं, सकारात्मक चुनाव प्रचार करेंगे।

इसे भी पढ़ें: दिल्ली में राहत की खबर, कोरोना संकंट के बीच स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने दिया बड़ा बयान

हम चाहते हैं कि विकास, महिला सशक्तिकरण की बात हो, दलितों के विकास की बात हो, प्रदेश की समस्याओं के समाधान ने की बात हो, प्रदेश का भविष्य उज्ज्वल बनाने की बात हो।’’ उन्होंने यह टिप्पणी उस वक्त की है जब कुछ दिनों पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि यह चुनाव ‘80 फीसदी बनाम 20 फीसदी’ होगा। दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी ‘सामाजिक न्याय’ के मुद्दे को अपने चुनाव प्रचार के केंद्रबिंदु में रखते नजर आ रहे हैं। प्रियंका ने मुख्यमंत्री का नाम लिए बगैर उन पर निशाना साधते हुए सवाल किया, ‘‘बेरोजगार नौजवानों का प्रतिशत क्यों नहीं गिना जा रहा है? क्या वे महत्वपूर्ण नहीं हैं? जिन महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है, उनके बारे में क्यों नहीं सोचा जा रहा है?’’

इसे भी पढ़ें: यूपी चुनाव को लेकर एनडीए में बनी सीट बंटवारे पर सहमति, अपना दल और निषाद पार्टी को मिलेंगी इतनी सीटें

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘इस चुनाव के बाद भी उत्तर प्रदेश में रहूंगी, काम करती रहूंगी। मेरा प्रयास है कि उत्तर प्रदेश में मैं अपनी पार्टी को मजबूत करके आगे बढ़ाऊं... अगर पार्टी कहेगी कि हमारी भूमिका कहीं और भी होनी चाहिए तो वह भी करूंगी।’’ नेताओं के पार्टी छोड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पहले भी कहा कि हमारा संघर्ष ऐसा है जिसके लिए हिम्मत की जरूरत है। हमारे साथी जाते हैं तो दुख होता है। प्रयास होता है कि वे साथ रहें। लेकिन वह जाने का निर्णय लेते हैं तो लगता है कि वह हिम्मत नहीं रख पा रहे हैं।’’

महिलाओं को बड़ी संख्या में टिकट देने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘हमने महिलाओं की बात शुरू की तो सभी पार्टियां घोषणाएं करने लगीं। भाजपा, सपा, रालोद, बसपा सबने घोषणाएं कीं। हमारी सफलता यही है कि अब महिलाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

प्रमुख खबरें

Char Dham Yatra 2026: Registration अनिवार्य, फोटोग्राफी बैन, Green Card समेत ये नियम हुए लागू

ये किस देश से LPG गैस उठा लाया भारत! हो गया बड़ा खेल

Explained | राज्यसभा चुनाव हर दो साल में क्यों होते हैं? समझें संसद के ऊपरी सदन का पूरा गणित

Madhumalti में फूलों से भर जाएगा गमला, आजमाएं 10 रुपये वाला यह असरदार Gardening Secret