By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 21, 2026
अत्यधिक गर्मी का कर्मचारियों के स्वास्थ्य और उत्पादकता पर गंभीर असर पड़ने के बारे में बढ़ती जागरूकता के बावजूद दुनियाभर में केवल 28 प्रतिशत कंपनियों ने ही इस समस्या से निपटने के लिए कदम उठाए हैं या उन्हें बड़े स्तर पर लागू किया है। यह बात एक नयी रिपोर्ट में कही गई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 50 प्रतिशत संगठनों ने अभी तक इस बात का व्यवस्थित आकलन नहीं किया है कि अत्यधिक गर्मी उनके कार्यबल को प्रत्यक्ष संचालन या मूल्य शृंखलाओं में किस प्रकार प्रभावित करती है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि 2.4 अरब से ज़्यादा कर्मचारी अत्यधिक गर्मी के संपर्क में आते हैं, जिसके कारण दुनिया भर में हर साल कम से कम 2.2 करोड़ लोग घायल होते हैं और 18,000 लोगों की मौत होती है। इसमें कहा गया है, ‘‘कर्मचारियों पर गर्मी के जोखिम को कम करने के लिए महत्वपूर्ण कदम नहीं उठाए गए तो बढ़ते तापमान के कारण 2030 तक उत्पादकता में 2.4 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर का नुकसान हो सकता है।’’ रिपोर्ट में कंपनियों को कर्मचारियों पर अत्यधिक गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए कई उपाय अपनाने का सुझाव दिया गया है। इसमें कहा गया है कि काम और आराम के बीच उचित अंतराल, छाया की व्यवस्था और पर्याप्त पानी की उपलब्धता से गर्मी के कारण होने वाली बीमारियों और अनुपस्थिति को कम किया जा सकता है तथा उत्पादकता को स्थिर रखने में मदद मिल सकती है।