By अंकित सिंह | Jul 10, 2023
पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान जबरदस्त तरीके से हिंसा देखने को मिली। इस हिंसा को लेकर राजनीति भी खूब हुई। भाजपा सहित तमाम विपक्षी दल राज्य की ममता बनर्जी सरकार पर हमलावर रहे। तमाम विपक्षी दलों ने टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हिंसा का आरोप लगाया। दूसरी और टीएमसी का भी दावा है कि विपक्षी दल राज्य में हिंसा फैला रहे हैं। हालांकि, दुख की बात तो यह है कि पंचायत चुनाव के दौरान लगभग 20 लोगों के मारे जाने की खबर है। इसके अलावा जब से पंचायत चुनाव की घोषणा की थी, तब से लगातार पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्सों से हिंसा की खबरें आ रही थी। इस बीच भाजपा ने बड़ा कदम उठाया है।
अधीर रंजन चौधरी ने अपने बयान में कहा कि हमारी तीन मांगे हैं पहला पीड़ितों को मुआवज़ा राशि दी जाए, दूसरा घायलों का पूरा इलाज कराया जाए और तीसरा इलाज के साथ-साथ वित्तीय सहायता दी जाए। उन्होंने कहा कि हमने यह भी मुद्दा उठाया कि पंचायत चुनाव के दौरान हिंसा होने की पूरी संभावना थी तो पहले से राज्य सरकार की ओर से तैयारी क्यों नहीं की गई। साथ ही हिंसा क्यों हुई? इतने लोग मारे गए, इसकी सख्त रूप से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैंने उल्लेख किया है कि इस बात का स्पष्ट संकेत था कि हिंसा होगी। पूर्व सूचना के तौर पर सरकार ने मेडिकल स्टाफ की छुट्टियां रद्द करने का कदम उठाया... इसका मतलब है कि राज्य सरकार को इसकी अच्छी तरह से आशंका थी। मरने वालों की संख्या बढ़ रही है। मैं न्यायपालिका से जांच करने का आग्रह करता हूं। आखिर क्यों हुई ऐसी हिंसा।