By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 30, 2024
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि पश्चिमी सभ्यता व्यक्तिवाद को प्राथमिकता देती है जबकि भारतीय समाज परिवार को केंद्र में रखता है।
भागवत ने बताया कि माता-पिता, विशेषकर उच्च शिक्षित पृष्ठभूमि वाले माता-पिता, अक्सर अपने बच्चों पर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए दबाव डालते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिमी संस्कृतियों में, व्यक्ति को मौलिक इकाई माना जाता है, जहां व्यक्तिवाद पर अधिक जोर रहता है। इसके विपरीत, हमारा समाज परिवार को केंद्र में रखता है। एक मजबूत परिवार इकाई एक मजबूत समाज का आधार बन सकती है। हमारे समाज का स्वरूप स्वाभाविक रूप से दूसरों की मदद करने वाला है।’’
उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को बेहतर तरीके से कमाने की सीख दें तथा उन्हें समाज की बेहतरी के लिए इसका कुछ हिस्सा योगदान करने के लिए प्रोत्साहित करें।