By नीरज कुमार दुबे | Nov 25, 2023
प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क के खास कार्यक्रम शौर्य पथ में इस सप्ताह हमने ब्रिगेडियर श्री डीएस त्रिपाठी जी (सेवानिवृत्त) से जानना चाहा कि अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के साथ हाल में संपन्न भारत की टू प्लस टू वार्ताओं से देश को क्या लाभ हुआ? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि यह वार्ताएं सार्थक रहीं। उन्होंने कहा कि अमेरिका इजराइल और हमास के बीच संघर्षविराम कराने के लिए तमाम तरह की वार्ताओं में व्यस्त रहा लेकिन इसके बावजूद उसने भारत के साथ टू प्लस टू वार्ता को महत्व दिया और इसके लिए अमेरिकी रक्षा और विदेश मंत्री भारत आये। उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि भारत और अमेरिका के संबंध बेहद प्रगाढ़ हो रहे हैं और दोनों ही देश इस रिश्ते को समान महत्व देते हैं। उन्होंने कहा कि हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि यह वार्ता लगभग उसी समय के दौरान हुई जब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अमेरिका के महत्वपूर्ण दौरे पर थे।
ब्रिगेडियर श्री डीएस त्रिपाठी जी (सेवानिवृत्त) ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के द्विपक्षीय संबंध ऐसे समय में पिछले एक साल में तेजी से मजबूत हुए हैं, जब दुनिया में अनिश्चितता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों के लिए चीन सबसे बड़ा व्यापार भागीदार है और ‘‘सुरक्षा को लेकर सबसे बड़ी चिंता’’ भी है। उन्होंने कहा कि हम एक महासागर साझा करते हैं और इस अर्थ में हम पड़ोसी हैं तथा हमारे दोनों देशों के लिए मिलकर काम का इससे महत्वपूर्ण समय कभी नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया को ‘‘असाधारण चुनौतियों’’ का सामना करना पड़ता है और दोनों देशों के लिए इनसे निपटने की योजना बनाना महत्वपूर्ण है।