By अभिनय आकाश | Jul 10, 2025
गृह मंत्री अमित शाह ने अपने रिटारमेंट पर बड़ा खुलासा किया है। अमित शाह ने कहा है कि वो रिटायर होने के बाद अपना जीवन प्राकृतिक खेती को समर्पित करेंगे। अहमदाबाद के एक कार्यक्रम में उन्होंने ऐसा बयान दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने रिटायरमेंट के बाद की ज़िंदगी की एक झलक दिखाते हुए कहा कि वह अपना समय वेदों, उपनिषदों और प्राकृतिक खेती सहित हिंदू धर्मग्रंथों को पढ़ने में लगाएंगे। गुजरात के अहमदाबाद में 'सहकार संवाद' कार्यक्रम में बोलते हुए, शाह ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद उनकी योजना अपना जीवन वेदों, उपनिषदों और प्राकृतिक खेती को समर्पित करने की है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती एक विज्ञान-आधारित तकनीक है जिसके अपार लाभ हैं। शाह ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों से उगाए गए गेहूँ से कई स्वास्थ्य समस्याएँ पैदा होती हैं, जिनमें रक्तचाप, मधुमेह, थायरॉइड जैसी जीवनशैली संबंधी कई बीमारियाँ और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियाँ शामिल हैं।
यह एक पारंपरिक, रसायन-मुक्त खेती का तरीका है जो मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरणीय स्वास्थ्य को बढ़ाने पर केंद्रित है। पीआईबी की एक विज्ञप्ति के अनुसार, ‘सहकार संवाद’ को संबोधित करते हुए, शाह ने कहा कि गुजरात के आणंद जिले में एक सहकारी विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी गई है और इसका नाम भारत के सहकारी आंदोलन के जनक माने जाने वाले त्रिभुवनदास पटेल के नाम पर रखा जाएगा।