जिसके पास कम शक्ति है, उसकी Power ईमानदारी है...दावोस में ट्रंप के सामने कार्नी ने ऐसा क्या कहा? लोग खड़े होकर बजाने लगे तालियां

By अभिनय आकाश | Jan 22, 2026

यूरोप ने ट्रंप के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया है। यूरोप के साथ-साथ कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने जिस तरह से अमेरिका को सुनाया है, यूरोप को सुनाया है और खुद को भी वह अप्रत्याशित है। दावोस  में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के कार्यक्रम में उनका भाषण इतिहास के शानदार भाषणों में गिना जा रहा है। ट्रंप की ताकत के सामने उनकी यह लाइन मशहूर होने लग गई कि जिसके पास कम शक्ति है, उसकी शक्ति ईमानदारी है। गवाने का खतरा कनाडा के पास भी है। मगर उसके प्रधानमंत्री कह रहे हैं जिसके पास कम शक्ति है, उसकी शक्ति ईमानदारी है। इसीलिए फ्रेंच भाषा में दिए गए कार्नी के भाषण को शानदार और ऐतिहासिक बताया जा रहा है। दावोस में जैसे ही कनाडा के प्रधानमंत्री का भाषण समाप्त हुआ, लोग खड़े होकर तालियां बजाने लगे और उनका भाषण दुनिया भर में छा गया है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि यह ट्रांजिशन का समय नहीं है। मतलब संक्रमण का समय नहीं है। इसे इस तरह से भी समझिए कि दुनिया एक कमरे से निकलकर दूसरे कमरे में नहीं जा रही। कोई नई व्यवस्था नहीं बन रही बल्कि यह रप्चर का समय है। यानी पूरा का पूरा मकान दरक गया है। व्यवस्थाओं की समाप्ति का समय है। 

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दशकों तक, कनाडा जैसे देश उस व्यवस्था के तहत समृद्ध हुए, जिसे हम नियमों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था कहते थे। हम इसके संस्थानों में शामिल हुए, इसके सिद्धांतों की प्रशंसा की और इसका लाभ उठाया। इसी वजह से हम इसके संरक्षण में मूल्यों पर आधारित विदेश नीतियाँ अपना सके। अमेरिकी वर्चस्व ने सार्वजनिक चीज़ें उपलब्ध कराईं। जैसे खुले समुद्री मार्ग, एक स्थिर वित्तीय प्रणाली, सामूहिक सुरक्षा और विवाद सुलझाने के ढाँचों का समर्थन। इसलिए हमने खिड़की में तख्ती लगा दी। हमने अनुष्ठानों में भाग लिया और बयानबाज़ी के साथ वास्तविकता के बीच की खाइयों को ज़्यादातर नज़रअंदाज़ किया। यह समझौता अब काम नहीं करता।  टैरिफ़ को दबाव के औजार के रूप में, वित्तीय ढाँचों को जबरदस्ती के साधन के रूप में और सप्लाई चेन के दोहन योग्य कमज़ोरियों के रूप में। जब एकीकरण ही आपकी अधीनता का स्रोत बन जाए, तब आप पास्परिक लाभ के झूठ के भीतर नहीं जी सकते। 

शक्तिशाली देशों के पास उनकी शक्ति है। लेकिन हमारे पास भी कुछ है: दिखावा बंद करने की क्षमता, वास्तविकताओं को नाम देने की क्षमता, अपने घर में अपनी ताक़त बनाने की क्षमता और मिलकर कार्रवाई करने की क्षमता। यही कनाडा का रास्ता है। हम इसे खुले तौर पर और आत्मविश्वास के साथ चुनते हैं और यह रास्ता हर उस देश के लिए खुला है जो हमारे साथ इसे अपनाने को तैयार हैं।

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