By अभिनय आकाश | Jun 11, 2025
अमेरिका से आई कुछ तस्वीरों को देखकर आपको बांग्लादेश की याद आ सकती है। जब 5 अगस्त 2024 को विद्रोह करती भीड़ बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के आवास में घुस गई थी। आपको जुलाई 2022 की श्रीलंका की वो तस्वीर भी याद आ सकती है जब प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति आवास को लूट लिया था। हालांकि सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर घूम रही तस्वीरें बांग्लादेश या फिर श्रीलंका की नहीं बल्कि अमेरिका के सबसे बडे़ शहर लांस एजिल्स की है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें कई नकाबपोश लोग एप्पल स्टोर में घुसकर गैजेट लूटते हुए देखे जा सकते हैं। पुलिस के आते ही कई लोग स्टोर से भागते हुए दिखाई दिए।
कैसे हुई हंगामे की शुरुआत?
अमेरिका की इमीग्रेशन एजेंसी यानी इमीग्रेशन एंड कस्टम इंफोर्समेंट यानी आईसीई ने लांस एजेंलिस पर कई जगहों पर रेड डाली। इस रेड में 44 लोगों को गिरफ्तार किया गया जो कथित तौर पर अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे थे। जैसे ही ये गिरफ्तारियां हुई लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने आईसीई के खिलाफ नारेबाजी की। कई लोगों ने मेक्सिको का झंडा लहराया और उनके चेहरे मास्क से ढके हुए थे। कुछ जगहों पर हिंसा भी देखने को मिली। पत्थरबाजी, बोतलें और आतिशबाजी तक फेंकी गई और यहां तक की कार को आग के हवाले भी कर दिया गया। जब दो दिन तक हालात काबू में नहीं आए तो ट्रंप ने व्हाइट हाउस से एक बयान जारी किया।
लांस एजिल्स में 33 साल बाद उतरी सेना
अमेरिका के लॉस एंजिल्स शहर में अवैध प्रवासियों की धरपकड़ के लिए इमिग्रेशन (आईसीई) के छापों के खिलाफ दंगे के हालात बन गए हैं। कई जगह आगजनी, पथराव और नारेबाजी हुई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने लॉस एंजिल्स में सेना (नेशनल गार्ड्स) के दो हजार जवान उतारे हैं। बता दें कि इससे पहले 1992 के लॉस एंजिल्स दंगों से निपटने के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने सेना उतारी थी।
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