By अभिनय आकाश | Apr 13, 2026
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच फर्जी शांति वार्ता पूरी तरह से फेल हो गई है। हालत यह हुई कि पाकिस्तान के लोग ही इस्लामाबाद टॉक्स नाम की इस फर्जी शांति वार्ता के पोस्टर चुरा कर ले गए। लेकिन दुनिया की नजरों से दूर असली बातचीत तो भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच हुई है। इस बातचीत के बाद संयुक्त अरब अमीरात ने हिंदी में भारत पर एक ऐसा ऐलान कर दिया जिसे देखकर एक-एक भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा। संयुक्त अरब अमीरात के कई ताकतवर लोगों ने हिंदी में भारत के बारे में जो लिखा है वो इतिहास में आप पहली बार देखेंगे। कई लोग सोशल मीडिया पर बोल रहे हैं कि संयुक्त अरब अमीरात के असली मुस्लिमों ने हिंदी में जो लिखा है उसे पढ़कर कन्व्टेड मुस्लिमों में हड़कंप मच जाएगा।
हिंदी में अपने विचारों को व्यक्त करते हुए संयुक्त अरब अमीरात ने पाकिस्तान की वजह से ही भारत से मदद मांगी है और मजे की बात देखिए कि भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर मदद करने पहुंच भी गए। दरअसल पाकिस्तान पिछले कई सालों से संयुक्त अरब अमीरात के पीछे पड़ा है। इसकी सबसे बड़ी वजह संयुक्त अरब अमीरात की भारत से दोस्ती है। संयुक्त अरब अमीरात वो इकलौता खाड़ी देश है जिसने भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किया। कश्मीर में निवेश किया आर्टिकल 370 पर कोई बयानबाजी नहीं की। वेस्ट एशिया में संयुक्त अरब अमीरात भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर बन गया है। इसी से जलकर संयुक्त अरब अमीरात को अस्थिर करने के लिए पाकिस्तान ने सबसे पहले सऊदी अरब के साथ एक डिफेंस डील कर ली। इसके बाद पाकिस्तान ने तुर्की के साथ मिलकर संयुक्त अरब अमीरात के राजघराने को तोड़ने की कोशिश की। जिससे नाराज़ होकर संयुक्त अरब अमीरात ने पाकिस्तान को दिया अपना $3 बिलियन डॉलर का लोन वापस मांग लिया। भिखारी पाकिस्तान ने लोन चुकाने के लिए सऊदी अरब और कतर से पैसा मांगा लेकिन सऊदी अरब ने ऐसी शर्त रख दी जिसे ना मानने पर भी पाकिस्तान फंसता और मानने के बाद तो और भी बुरा मरेगा। दरअसल सऊदी अरब ने क़तर के साथ मिलकर कहा कि हम पाकिस्तान को $5 बिलियन दे देंगे। लेकिन उससे पहले पाकिस्तान को अपने 13,000 सैनिक और 18 लड़ाकू विमान ईरान से लड़ने के लिए भेजने होंगे। मजबूरी में पाकिस्तान ने यह फैसला ले लिया है। अब अगर सऊदी अरब पाकिस्तान को ईरान पर हमला करने के लिए आदेश देता है तो पाकिस्तान को आदेश मानना पड़ेगा।