Election में जमानत जब्त होने का मतलब क्या है? उम्मीदवार क्या फिर लड़ सकते हैं चुनाव

By अभिनय आकाश | Dec 08, 2022

हिमाचल प्रदेश और गुजरात में विधानसभा चुनाव संपन्न हो गए हैं। जैसा कि सभी चुनावों में होता है, जबकि ऐसे उम्मीदवार होंगे जो भारी अंतर से जीत दर्ज करेंगे वहीं ऐसे प्रतियोगी भी होंगे जो अपनी जमानत राशि भी गंवा बैठेंगे। एक प्रत्याशी के लिए सबसे बड़ी चुनौती यही होती है कि वो अपनी जमानत जब्त होने से बचवाएं। लेकिन ये जमानत जब्त होना होता क्या है। ये जमानत राशि कितनी होती है, किसे देनी पड़ती है। 

किस चुनाव के लिए कितनी जमानत राशि

पार्षद चुनाव- 5 हजार (सामान्य), आरक्षित वर्ग- 2500

विधानसभा चुनाव- 10 हजार (सामान्य), आरक्षित वर्ग- 5 हजार

लोकसभा चुनाव- 25 हजार (सामान्य), आरक्षित वर्ग- 12500 

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जमानत जब्त होती कैसे है? 

अधिनियम के अनुसार, यदि उम्मीदवार द्वारा डाले गए वैध वोटों की संख्या डाले गए वैध वोटों की कुल संख्या के 1/6 से कम है, तो चुनाव में जमा राशि जब्त कर ली जाती है। जीतने वाले प्रत्याशी से कम से कम 10 फीसदी वोट जरूरी है। इसके अलावा जीतते हुए प्रत्याशी के मुकाबले 10 फीसदी वोट नहीं मिलने पर भी जमानत जब्त हो सकती है। यदि उम्मीदवार सीमा को पूरा करता है, तो "चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद जितनी जल्दी हो सके जमा राशि वापस कर दी जाएगी।" यदि कोई उम्मीदवार अपना नामांकन वापस ले लेता है या चुनाव से पहले उसकी मृत्यु हो जाती है, तो राशि वापस कर दी जाती है।

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