डिजिटल क्रॉप सर्वे क्या है? यह कौन करवा रहा है? इससे क्या फायदे होंगे?

By कमलेश पांडे | Jul 13, 2023

डिजिटल क्रॉप सर्वे किसानों के जीवन में खुशहाली की नई राह खोलने का एक उपक्रम है, जिसकी सफलता से किसानों को अनेक फायदे संभावित होंगे। क्योंकि डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से फसलों के जो आंकडे़ प्राप्त होंगे, उससे प्रदेश के किसानों के लिए योजना बनाने में बहुत सुविधा प्राप्त होगी। बताया जाता है कि इन आंकड़ों के आधार पर किसानों के लिए आवश्यक और उपयोगी योजनाओं को तैयार किया जा सकेगा, जो किसानों के लिए लाभकारी होगा। 

बता दें कि एग्री स्टेक एक डिजिटल फाउंडेशन है जो भारत में कृषि में सुधार के लिए विभिन्न हितधारकों को आसानी से एक साथ लाने और डेटा-डिजिटल सेवाओं का उपयोग करके किसानों के लिए बेहतर योजनाओं का नियोजन, सेवाओं तक किसानों की सुगम पहुँच सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा स्थापित किया जा रहा है। एग्री स्टेक का निर्माण कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राज्य के साथ मिलकर किया जा रहा है।

# किसानों के जीवन में ख़ुशहाली लाने के लिये डिजिटल क्राप सर्वे कराने का फ़ैसला लिया है योगी सरकार बने

यही वजह है कि उत्तरप्रदेश की योगी सरकार इसे अपना रही है, क्योंकि वह किसानों की आय बढ़ाने और सरकार की योजना का अधिक से अधिक लाभ देने के लिये प्रयासरत है। सरकार ने किसानों के जीवन में ख़ुशहाली लाने के लिये डिजिटल क्राप सर्वे कराने का फ़ैसला लिया है। साथ ही एग्री स्टेक जो एक डिजिटल एग्रीकल्चर पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर है, डिजिटल क्रॉप सर्वे की पड़ताल जनपद एवं तहसील स्तर के चयनित मास्टर ट्रेनर से कराएगी। इसके लिये उनके प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत कर दी गयी है। इससे सम्बन्धित एक कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे में मास्टर ट्रेनर्स की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में एग्री स्टेक के महत्व को समझाते हुए इससे होने वाले लाभ को बताया गया। 

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# डिजिटल क्रॉप सर्वे कराने वाली संस्था एग्री स्टेक का यह है उद्देश्य

एग्री स्टेक का उद्देश्य किसानों के लिए सस्ता ऋण, उच्च गुणवत्ता वाले कृषि इनपुट, स्थानीयकृत और विशिष्ट लक्षित सलाह और बाजारों तक सुविधाजनक पहुंच प्राप्त करना आसान बनाना है। विभिन्न हितधारकों द्वारा विभिन्न किसान और कृषि केंद्रित लाभदायी योजनाओं की योजना बनाना और उन्हें लागू करने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। एग्री स्टेक की स्थापना के प्रारंभिक चरण में तीन बुनियादी रजिस्ट्री अभिलेखों के डायनेमिक लिंकिंग के साथ किसानों का डेटाबेस (फार्मर रजिस्ट्री), भू संदर्भित ग्राम मानचित्र (जिओ रेफरेन्स विलेज मैप), जीआईएस बेस रियल टाइम क्रॉप सर्वे क्रॉप सोन रजिस्ट्री शामिल हैं।

# समझिए डिजिटल क्रॉप सर्वे करवाने के बाद किसानों को होगा ये ये फ़ायदा

किसानों को उनके खेत में बोई गई वास्तविक फसल के उत्पाद की बिक्री के लिये अपने अभिलेख का सत्यापन कराने से मुक्ति मिल जाएगी। इससे किसान के फसल के उत्पाद के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उत्पादन का खरीद में सरलीकरण हो जायेगा। वहीं, फसल नुकसान की स्थिति में किसान को वास्तविक क्षति का मुआवजा प्राप्ति में सरलीकरण हो जाएगा। समय-समय पर किसानों को उनके फसल विशेष के लिये लक्षित फसल सलाह प्रदान की जा सकेगी। बोई गई फसल के वास्तविक उपज के आंकलन के लिये मोबाइल एप के माध्यम से क्रॉप कटाई एक्सपेरिमेंट (सीसीई) का प्रभावी क्रियान्वयन संभव हो सकेगा। आपदा के दौरान फसल नुकसान होने पर राहत / अनुदान का समयबद्ध सर्वेक्षण तथा राहत वितरण संभव हो सकेगा।

इससे स्पष्ट है कि डिजिटल क्रॉप सर्वे होने से किसानों के लिये बेहतर योजनाएं बनाई जा सकेगी। योगी सरकार का डिजिटल क्रॉप सर्वे किसानों के जीवन में खुशहाली की राह खोलेगा। डिजिटल क्राप सर्वे के तहत जनपद एवं तहसील स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। क्योंकि इस सर्वे से किसानों के लिए योजना बनाने में सुविधा होगी। जब सही योजना बनेगी तो किसानों तक लाभ जरूर पहुंचेगा।

- कमलेश पांडेय

वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार

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