क्या है रायसीना डायलॉग? 90 देश होंगे शामिल, जानें 3 दिन तक चलने वाले सम्मेलन की सारी जानकारी

By अभिनय आकाश | Apr 25, 2022

दुनियाभर में प्रतिष्ठित कूटनीतिक संवाद कार्यक्रम रायसीना डायलॉग के मंच पर तमाम देशों के प्रतिनिधि पहुंच चुके हैं। विदेश मंत्रालय और ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन संयुक्त रूप से इस सम्मेलन का आयोजन कर रहे हैं। इस वैश्विक सम्मलेन के चलते रायसीना हिल्स एक बार फिर से चर्चा में है। ऐसे में आइए जानते हैं किआखिर क्या है रायसीना डायलॉग।

इसका नाम रायसीना हिल्स के नाम पर पड़ा है। जहां देश के प्रशासनिक ताकतों के कई अहम विभाग मौजूद है। दुनिया के अलग-अलग देशों के लोगों का एक ऐसा मंच जहां वैश्विक हालात और चुनौतियों पर सार्थक चर्चा के उद्देश्य से इसकी शुरुआत की गई। इसमें 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेते हैं। विदेश मंत्रालय और ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के सहयोग से रायसीना डायलॉक का हर आयोजन होता है। इसकी शुरुआत 2016 में की गई थी। विदेश मंत्रालय का मुख्यालय रायसीना पहाड़ी नई दिल्ली में स्थित है। इसी के नाम पर इसे रासीना डायलॉग के नाम से जाना जाता है।  

इसे भी पढ़ें: डोभाल की मेजबानी, 40 देशों की जासूसी एजेंसी के प्रमुख की खुफिया बैठक, एजेंडे में चीन!

रायसीना हिल्स क्या है

राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट और विजय चौक तक कई इमारतें रायसीना हिल्स पर बनी हुई हैं। देश की राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक बदलाव की असली गवाह रायसीना हिल्स हैं। जिसने सदियां देखी और कुछ खास लम्हों को खुद में समेट लिया। देश के राष्ट्रपति भवन को भी रायसीना हिल्स के नाम से जाना जाता है। भारत की राजधानी दिल्ली में स्थित रायसीना की पहाड़ी जिस पर बना राजभावन देश का सबसे महत्वपूर्ण भवन है। यहां पर राष्ट्रपति का आवास और कार्यलय दोनों स्थित है। 

रायसीना डायलॉग के मुख्य एजेंडे 

90 देशों के नेता, राजनयिक और विशेषज्ञ भारत पहुंच गए हैं। अंतरराष्ट्रीय राजनीति, कूटनीतिक मुद्दों पर मंथन होगा। इसके अलावा पर्यावरण और सुरक्षा से जुड़े सवाल भी  बातचीत के एजेंडे में मुख्य रूप से शामिल हैं। रायसीना डायलॉग 2022 की थीम 'टेरा नोवा- इंपैसंड, इंपैसियस, इंपेरिल्ड' है। 2019 तक चांसलर एंजेला मर्केल के तहत जर्मनी की रक्षा मंत्री रहीं वॉन डेर लेयेन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगी, जहां रूस-यूक्रेन संघर्ष से उत्पन्न संकट पर चर्चा की उम्मीद है।

इसे भी पढ़ें: भारत का तेल आयात पर खर्च दोगुना हुआ, 2021-22 में 119 अरब डॉलर का तेल खरीदा

रायसीना डायलॉग को मुख्य रूप से 6 हिस्सों में बांटा गया है-

ट्रेड टेक्नोलॉजी आइडियोलाजी  

नेटवर्क ग्लोबल ऑर्डर

हेल्थ डेवलपमेंट एंड प्लैटनेट

हिंद प्रशांत क्षेत्र की चुनौतियां 

हरित बदलाव हासिल करना

तकनीकी युद्ध की चुनौतियां 

प्रमुख खबरें

Max Verstappen का Formula One में भविष्य पर सस्पेंस, जल्द ले सकते हैं चौंकाने वाला फैसला

Noida Airport पर बस आखिरी मंजूरी का इंतजार, 45 दिनों में शुरू होंगे Flight Operations

Indian Economy की ग्रोथ पर संकट के बादल, महंगा Crude Oil बढ़ा सकता है आपकी जेब पर बोझ

Tamil Nadu की सियासत में Thalapathy Vijay की एंट्री, Stalin-DMK को देंगे सीधी टक्कर?