By अभिनय आकाश | Jun 26, 2025
शशि थरूर इस वक्त मॉस्को पहुंच चुके हैं और अचानक ये सबकुछ हुआ है। एक घंटे तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मीटिंग होती है और उसके बाद शशि थरूर अचानक मॉस्को के लिए रवाना हो जाते हैं। उन्होंने मॉस्को में बड़े बड़े नेताओं से मुलाकातों का दौर भी शुरू कर दिया है। अब ऐसे में चर्चा तेज हो चली है कि आखिर प्रधानमंत्री ने अचानक ये कौन सी जिम्मेदारी देकर कांग्रेस नेता को रूस भेज दिया। इससे पहले पीएम मोदी ने थरूर को ऑपरेशन सिंदूर के डेलीगेशन में भेजा था। लेकिन एक बार फिर से थरूर को रूस भेजा है। ये सबकुछ इतना भी सरल नहीं लग रहा है।
चीन के साथ इनके बड़े अच्छे संबंध हैं। अब आप देखेंगे कि चीन में ही अभी एससीओ की बैठक हो रही है, जिसमें अजित डोभाल पहुंच चुके हैं और राजनाथ सिंह भी मौजूद हैं। सारा कुछ एससीओ की बैठक को लेकर हो रहा है। कुछ अंदर ही अंदर खिचड़ी पक रही है। भारत, चीन और रूस आपस में कुछ डिसाइड कर रहे हैं। ये मुलाकात इस लिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है कि इस बार की एससीओ की बैठक का चेयरमैनशिप रूस के पास है।जिस तरह से शशि थरूर विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव या चीन और संयुक्त राष्ट्र संघ में रूस के एंबेसडर से मुलाकात हुई है। ये बहुत हाई प्रोफाइल मीटिंग है। पहले से प्लानिंग के बिना ये हो नहीं सकता था।
अब ऐसे में सवाल उठ रहा है अगर किसी महत्वपूर्ण मसले को लेकर प्लानिंग हो रही है तो फिर शशि थरूर को ही क्यों चुना गया। सरकार के पास और भी तो बहुत सारे लोग हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर को भेजा जा सकता था। अजित डोभाल की चीन यात्रा में वांग यी से उनकी मुलाकात में ऐसा क्या हुआ कि वहां से पीएम मोदी को वहां से मैसेज आया। फिर पीएम मोदी ने शशि थरूर को बुलाया और एक घंटे में सारी ब्रीफिंग के बाद उन्हें मॉस्को रवाना कर दिया।