By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 04, 2026
नयी दिल्ली, चार अगस्त संदेश भेजने, प्राप्त करने की सुविधा देने वाला मंच व्हाट्सऐप ने कहा है कि वह भारत में लागू होने वाले डिजिटल व्यक्तिगत सूचना सुरक्षा अधिनियम (डीपीडीपी) जैसे आगामी कानूनों के अनुपालन की तैयारी के तहत उपयोगकर्ताओं की उम्र की पुष्टि के दौरान निजता को बनाये रखने लिए सुरक्षित तरीकों का परीक्षण कर रहा है। व्हाट्सऐप के अनुसार उम्र से जुड़ी जानकारी निजी होती है और इसे मंच के अन्य उपयोगकर्ताओं के साथ साझा नहीं किया जाएगा। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक वैकल्पिक परीक्षण है और व्हाट्सऐप का इस्तेमाल जारी रखने के लिए उपयोगकर्ताओं के लिए अपनी उम्र की पुष्टि करना अनिवार्य नहीं होगा।
संदेश में कहा गया था कि ‘‘भारत में आने वाले कानूनों के तहत हमें आपकी उम्र पूछने की जरूरत है।’’ सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस. कृष्णन ने मंगलवार सुबह कहा कि यह कदम ‘संभवतः डीपीडीपी अधिनियम के संदर्भ में हो सकता है, क्योंकि यह उम्र से जुड़ा मामला है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हमें उनसे इसकी पुष्टि करनी होगी... क्योंकि हम समय-सीमा के करीब पहुंच रहे हैं...।’’ ‘यूजरनेम फीचर’ को लेकर मंत्रालय की आगे की कार्रवाई के संबंध में कृष्णन ने कहा कि यह मुद्दा केवल व्हाट्सऐप तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी मैसेजिंग ऐप से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि ‘यूजरनेम फीचर’ से उत्पन्न होने वाले फर्जी पहचान के जोखिम और गोपनीयता, दोनों पहलुओं को ध्यान में रखना होगा। यह पूछे जाने पर कि क्या सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय सभी संदेश मंचों के लिए समान मानक बनाने पर विचार कर रहा है, कृष्णन ने कहा, ‘‘हम कंपनियों की बात और उनकी प्रतिक्रियाओं पर विचार कर रहे हैं और उसके बाद अंतिम फैसला लेंगे।’’ ‘यूजरनेम फीचर’ के तहत लोग अपना मोबाइल नंबर साझा किए बिना मैसेजिंग मंच पर संवाद कर सकते हैं।
पिछले महीने केंद्र सरकार ने मेटा के स्वामित्व वाली व्हाट्सऐप को उसके प्रस्तावित यूजरनेम फीचर पर नोटिस जारी किया था। सरकार ने चिंता जताई थी कि इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट से जुड़े घोटालों और फर्जी पहचान के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। सरकार ने व्हाट्सऐप को निर्देश दिया था कि इस मुद्दे जबतक सरकार पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो जाती, यह ‘फीचर’ शुरू नहीं किया जाए।
भारत में व्हाट्सऐप के करीब 50 करोड़ उपयोगकर्ता हैं। इसके बाद व्हाट्सऐप ने सरकार के नोटिस का जवाब सौंपते हुए भरोसा दिलाया कि चर्चा पूरी होने तक वह भारत में ‘यूजरनेम फीचर’ लागू नहीं करेगी। व्हाट्सऐप को नोटिस भेजने के बाद सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने टेलीग्राम और सिग्नल को भी उनके मौजूदा ‘यूजरनेम फीचर’ को लेकर नोटिस भेजा और पूछा कि वे धोखाधड़ी तथा फर्जी पहचान से जुड़े जोखिमों का समाधान कैसे कर रहे हैं।