By अंकित सिंह | Aug 03, 2023
संसद में चल रहे गतिरोध पर विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ से कहा कि जब वह बुधवार को सभापति से मिले तो धनखड़ गुस्से में थे। धनखड़ ने मजाकिया जवाब में कहा कि मैं 45 साल से अधिक समय से शादीशुदा आदमी हूं। यकीन मानिए सर, मैं कभी गुस्सा नहीं होता। श्रीमान चिदम्बरम, एक बहुत ही प्रतिष्ठित वरिष्ठ वकील हैं, जानते होंगे कि वरिष्ठ वकील होने के नाते हमें कम से कम प्राधिकारी के सामने गुस्सा दिखाने का कोई अधिकार नहीं है। आप हैं एक अधिकारी, श्रीमान। मैं कभी नाराज नहीं होता, कृपया संशोधित करें। उनकी इस बात पर सदन में हंसी की लहर दौड़ गयी।
इसके बाद उन्होंने कहा कि उन्हें मणिपुर की स्थिति पर चर्चा की मांग के लिए नियम 267 के तहत 37 नोटिस मिले हैं जबकि एक नोटिस मणिपुर और हरियाणा में हिंसा को लेकर और एक महिला आरक्षण को लेकर है। सभापति ने कहा कि मणिपुर मुद्दे पर चर्चा के लिए उन्होंने पहले ही व्यवस्था दी थी और सरकार भी चर्चा के लिए तैयार थी। व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि मणिपुर मुद्दे को लेकर जारी गतिरोध से ऐसा महौल बना है कि अहंकार और घमंड चर्चा की राह में आड़े आ रहे हैं।