By अभिनय आकाश | Mar 12, 2026
30 दिन के वेवर पर जिस पर रूस ने ट्रंप प्रशासन को भारत के लिए ठोक दिया है। उनका दिमाग खोल दिया है और इतना ही नहीं रूस ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को सराहा है और रूस साबित कर गया है कि वह भारत का सिर्फ दोस्त नहीं बल्कि बड़ा भाई जैसा है। और इस एक बयान ने साफ बता दिया है पूरी दुनिया को संदेश दे दिया है कि भारत एक स्वतंत्र देश है। उसे किसी अमेरिकी या फिर किसी अन्य देश से इजाजत यानी कि परमिशन लेने की कोई जरूरत नहीं है और रूस ने इस मामले में भारत का साथ देकर यह साबित कर दिया है कि सच्ची दोस्ती क्या होती है। मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका ने यह बड़ा दावा किया। उसने भारत के लिए ट्वीट किया कि उसने भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की छूट दी है।
ट्रंप प्रशासन की ओर से आए इस बयान पर रूसी राजदूत डेनिस अलीपोब ने दो टूक शब्दों में जवाब दिया और कहा कि भारत को किसी से इजाजत लेने की कोई जरूरत नहीं है ना ही वह किसी से परमिशन लेता है। रूसी राजदूत ने आरटी न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में यह भी कहा कि मुझे लगता है कि भारतीय अधिकारियों ने पहले ही जवाब दे दिया है और उन्होंने विदेश मंत्री अजय शंकर के बयान की जमकर तारीफ की और कहा कि अमेरिका कितनी भी कोशिश क्यों ना कर ले वो रूसी तेल को दुनिया से नहीं हटा पाएगा खासकर भारत से। यानी इस बयान से साफ हो गया है कि भारत को किसी से कोई इजाजत नहीं चाहिए। यह रूस का बयान है। उन्होंने कहा कि भारत को किसी से कोई इजाजत नहीं चाहिए।
मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरू होने के बाद यानी 28 फरवरी के बाद जो कि ईरान और इजराइल के बीच की जंग से जुड़ा है। पूरी दुनिया में तेल सप्लाई चेन बुरी तरह से प्रभावित हो गई। वजह क्या है? हॉर्मोज की जलसंध बंद होने से सऊदी अरब, इराक, यूएई जैसे देशों से तेल की आपूर्ति रुक गई। जैसा कि हम भारत तक में आपको दिखाते हैं। ऐसे में भारत जो अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयातित तेल से पूरा करता है, उसको वैकल्पिक स्रोतों की जरूरत पड़ गई। भारत ने रूस से कच्चा तेल खरीदना बढ़ा दिया है क्योंकि रूस से तेल सस्ता मिलता है और रूस ने काफी सस्ता भारत को दिया है और यह भारत की अर्थव्यवस्था के लिए काफी फायदेमंद है।