WHO प्रमुख ने पारंपरिक दवाइयों को समर्थन में कही बड़ी बात, ये जल्द ही आगे बढ़ेगा

By रितिका कमठान | Aug 20, 2023

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस इन दिनों भारत की यात्रा पर है। यहां उन्होंने भारत की आतिथ्य और उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए भारत और सरकार को धन्यवाद दिया है।

उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि मेरा मानना है कि पारंपरिक औषधियों पर यह एक बहुत ही अनोखी बैठक है। मेरा मानना है कि अब से कुछ वर्षों में गुजरात पारंपरिक दवाओं का मक्का होगा। यह अद्वितीय है और यह बहुत महत्वपूर्ण है।

इससे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने गुजरात के गांधीनगर में जी-20 स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक में संबोधन भी दिया था। उन्होंने कहा कि कोविड-19 दुनिया के लिए स्वास्थ्य आपात नहीं रह गया है। हालांकि कोरोना वायरस आज के समय में भी दुनिया के लिए किसी वैश्विक खतरे से कम नहीं है। इन दिनों कोरोना वायरस का नया स्वरूप सामने आया है जो पहले से ही जांच के दायरे में है। ये नया वायरस ऐसा है जिसका स्वरूप कई बार परिवर्तित हुआ है। बीए.2.86 स्वरूप की वर्तमान में निगरानी और जांच की जा रही है जो एक बार फिर दर्शाता है कि सभी देशों को चौकसी बरतने की जरूरत है।’

उन्होंने सभी देशों से अनुरोध किया कि वे ‘महामारी समझौते’ को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में तेजी लाएं ताकि इसे अगले साल होने वाली विश्व स्वास्थ्य सभा में इसे स्वीकृत किया जा सके। घेब्रेयेसस ने जी-20 सदस्य देशों को अपने संबोधन में कहा, ‘‘कोविड-19 ने हम सभी को यह अहम पाठ सिखाया है कि अगर स्वास्थ्य खतरे में है तो सबकुछ खतरे में है। दुनिया इस महामारी के कष्टपूर्ण पाठ को सीख रही है।’’ उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत सऊदी अरब की अध्यक्षता के साथ हुई। 

उन्होंने कहा कि चर्चा के परिणामस्वरूप अंतरिम अध्यक्ष के तहत एक संयुक्त ‘‘वित्त स्वास्थ्य कार्य बल’’ की स्थापना हुई, जिसका समर्थन इंडोनेशिया और अब भारत ने अपनी अपनी संबंधित अध्यक्षता के कार्यकाल के दौरान की। डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा कि महामारी समझौता और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों में संशोधन पर चर्चा में अच्छी प्रगति हो रही है। उन्होंने कहा कि दोनों ही समावेशी, सुसंगत और न्यायसंगत वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा ढांचे के लिए कानूनी और संगठनात्मक खाका के निर्माण को लेकर आवश्यक है। इस अवसर पर डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्तर पर टेलीमेडिसिन की शुरुआत करने के लिए भारत की प्रशंसा की। उन्होंने भारत को ‘‘विशेष रूप से दुनिया की सबसे बड़ी बीमा योजना ‘आयुष्मान भारत’ के माध्यम से लोगों तक सार्वभौम स्वास्थ्य बीमा पहुंचाने की उसकी प्रतिबद्धता’’ के लिए बधाई दी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

प्रमुख खबरें

मणिपुर के Imphal West में 2.1 किलोग्राम Yaba टैबलेट जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार

दिल्ली में आस्था कुंज दरिंदगी से दहशत! 17 साल की किशोरी से हैवानियत के बाद Lady Shri Ram College सहमा, ऑनलाइन हुईं क्लासेज़

Vamana Jayanti: Vaman Dwadashi पर पंचामृत अभिषेक और तुलसी दल से करें पूजन, जीवन में आएगी सुख-समृद्धि

Shalimar Bagh Masjid Demolition | दिल्ली के शालीमार बाग में आधी रात को मस्जिद पर चला बुलडोजर, इलाके में भारी हंगामा! AIMIM ने बताया असंवैधानिक