By नीरज कुमार दुबे | Nov 14, 2023
भगवान श्रीराम के 14 वर्षों का वनवास काट कर अयोध्या लौटने की खुशी में देशवासी दीपावली का त्योहार मनाते हैं। घरों-मंदिरों में राम जानकी का पूजन किया जाता है, जय श्रीराम का जयघोष किया जाता है, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के दिखाये गये मार्गों पर चलने का संकल्प लिया जाता है। देखा जाये तो कण-कण में और मन-मन में राम हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक समय भारत के संविधान में भी श्रीराम और माता जानकी का चित्र था? सवाल यह है कि अगर वह चित्र था तो उसे संविधान से क्यों और किसने हटाया? क्या राम राज्य की संकल्पना को खत्म करने और हिंदू राष्ट्र की अवधारणा को नुकसान पहुँचाने के लिए यह कदम उठाया गया? आज चूंकि देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की जयंती भी है इसलिए यह सवाल और प्रासंगिक हो जाता है कि आखिर क्यों उन्होंने भारतीय सनातन संस्कृति को किनारे करने का प्रयास किया?