Mumbai का मेयर कौन? BJP-शिंदे कैंप में भारी कन्फ्यूजन, BMC के चुनाव पर सस्पेंस गहराया

By अंकित सिंह | Jan 24, 2026

मुंबई में होने वाले मेयर चुनाव में आखिरी समय में देरी हो गई है। 31 जनवरी के बजाय अब ये चुनाव फरवरी की शुरुआत में होंगे, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को समूह पंजीकरण में आ रही दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस अड़चन से बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के नेतृत्व की दौड़ भी रुक गई है, जिससे भारत के सबसे धनी नगर निकाय में सत्ता-साझाकरण को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

सूत्रों के मुताबिक, अब चुनाव फरवरी के पहले सप्ताह में होने की संभावना है, जिससे कागजी कार्रवाई के लिए समय मिल जाएगा। भाजपा और शिंदे सेना के बीच अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है: क्या वे संयुक्त गठबंधन बनाएंगे या अलग-अलग? इस फैसले से 227 सदस्यीय विधानसभा में महापौर पद पर नियंत्रण बदल सकता है। इस देरी से महाराष्ट्र की नगर निगम चुनावों के बाद की खंडित राजनीति की झलक मिलती है, जहां गठबंधन समयसीमा से भी तेजी से बदलते हैं। भाजपा-शिव सेना (शिंदे) वर्चस्व की तलाश में हैं, लेकिन प्रक्रियात्मक अड़चनें समन्वय की समस्याओं को उजागर करती हैं।

इसे भी पढ़ें: CM Devendra Fadnavis की Davos Visit को Sanjay Raut ने बताया Picnic, Amruta Fadnavis ने किया पलटवार

60,000 करोड़ रुपये के बजट से लैस बीएमसी, हर देरी के महत्व को और बढ़ा देती है। यूबीटी-एमएनएस गुट की तत्परता प्रतिद्वंद्वियों की अव्यवस्था के विपरीत है, जिससे अंतिम समय में बैठकें होने की संभावना है। फरवरी नजदीक आने के साथ ही मुंबई की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि महापौर का पद किसके हाथ में आता है। शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर तीखा प्रहार करते हुए अपने गुट को मुंबई के "भूमिपुत्रों" की विचारधारा के रूप में अटूट घोषित किया। अपने पिता बालासाहेब ठाकरे के जन्म शताब्दी समारोह में बोलते हुए उन्होंने शपथ ली कि शिवसेना को कुचलने के भाजपा के प्रयास इसकी अदम्य लौ के आगे चकनाचूर हो जाएंगे।

प्रमुख खबरें

Mumbai Police वेतन घोटाला: 10 फर्जी कर्मचारियों के नाम पर 6.41 करोड़ रुपये जारी, पांच पर मामला दर्ज

भारी उद्योग मंत्रालय ने Ethanol वाहनों पर नीति को लेकर स्पष्ट की स्थिति

Rekha Gupta ने Dwarka के सरकारी अस्पताल की दवा दुकान का लाइसेंस रद्द किया

China ने विकसित की टनल बोरिंग मशीन, पहाड़ी इलाकों के लिए है दुनिया की पहली तकनीक