By अभिनय आकाश | Aug 14, 2026
क्लाइमेट एक्टिविस्ट और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने भारत में शांतिपूर्ण क्रांति का आह्वान किया है। उनका कहना है कि अगर देश को सम्मानजनक राष्ट्र बने रहना है और 2047 तक एक विकसित देश के तौर पर उभरना है, तो उसे अपने राजनीतिक नेताओं को चुनने के तरीके में बुनियादी बदलाव की ज़रूरत है। गुरुवार को स्वतंत्रता दिवस से पहले जारी एक वीडियो संदेश में वांगचुक ने भारत के दूसरे स्वतंत्रता आंदोलन का आह्वान किया और नागरिकों से ऐसे निस्वार्थ, निडर और अच्छे चरित्र व काबिलियत वाले स्त्री-पुरुषों के नाम सुझाने को कहा जो देश का भविष्य संवारने में मदद कर सकें। वांगचुक ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी और उन्होंने भारत, उसकी तरक्की और उसके भविष्य के बारे में सोचने में समय बिताया।
यह किसी एक राजनीतिक पार्टी के बारे में नहीं है
वांगचुक ने उन लोगों को बधाई दी जिन्होंने बदलाव की मांग की और पिछले दो महीनों में विरोध-प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन की वजह से केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय में भी बदलाव हुआ है; उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े का ज़िक्र किया।