By प्रेस विज्ञप्ति | Dec 20, 2023
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा एवं खेल मामलों के मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने आज संसद भवन परिसर के बाहर संवाददाताओं से वार्तालाप करते हुए विपक्ष द्वारा लगातार हंगामा कर संसद नहीं चलने दिए जाने व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अपमान पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
अनुराग ठाकुर ने आगे कहा, "राष्ट्रपति के बाद अब उपराष्ट्रपति जैसे बड़े संवैधानिक पद के अपमान पर आख़िर सोनिया, राहुल, ममता और खड़गे जी चुप क्यों हैं, देश से माफ़ी क्यों नहीं माँग रहे। उपराष्ट्रपति जी का जो अपमान हुआ है क्या वह स्वीकार्य है? खड़गे जी को एक बार नहीं कई बार बोलने के मौके दिए गए। सवाल यह है कि क्या वह चर्चा में शामिल भी होना चाहते हैं, भाग लेना चाहते हैं? कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल चर्चा से भाग रहे हैं। सारा देश यह देख रहा है कि विपक्ष किस तरह रोज हंगामा करते हैं, तख्तियां लेकर आते हैं, शोर मचाते हैं और अपनी चुनावी पराजय से देश का ध्यान भटकाना चाहते हैं। चुनावों में विपक्ष की जो करारी हार हुई है। हताशा उनके चेहरे पर नज़र आती है।''
अनुराग ठाकुर ने आगे कहा की उपराष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद का अपमान विपक्ष को कैजुअल लगता है। "ममता बनर्जी इसे कैजुअल बताती हैं। वह कहते हैं कि अगर राहुल गांधी वीडियो नहीं बनाते तो यह देश में एंप्लीफाई कैसे होता। इससे उनकी राजनीति का स्तर पता चलता है। ऐसे लोग प्रधानमंत्री बनने की लालसा रखते हैं। राष्ट्रपति जी, प्रधानमंत्री जी, एनडीए के सभी सांसद समेत उत्तर से दक्षिण तक पूरा देश उपराष्ट्रपति जी के साथ खड़ा है। एनडीए के सांसदों ने राज्यसभा में खड़े होकर अपने उपराष्ट्रपति का सम्मान किया और दिखाया कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए संवैधानिक मूल्यों का कितना सम्मान करती है। मगर विपक्ष अभी तक माफ़ी ना माँग कर अपने अहंकार की पराकाष्ठा दिखा रहा है। ये घटना सामान्य नहीं है।"
आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा, ''राजनीति का स्तर कितना गिर गया है? राहुल गांधी का वीडियो बनाना यह सवाल खड़ा करता है कि क्या विपक्ष अपना मानसिक संतुलन खो चुका है? कोई सामान्य व्यक्ति ऐसी घटना को अंजाम नहीं दे सकता है।'' केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'मैं पूछना चाहता हूं कि देश से जुड़े मुद्दों को सदन में क्यों नहीं उठाने दिया जा रहा है? आखिर विपक्ष के नेता संसद की प्रक्रिया में भाग क्यों नहीं ले रहे हैं?'