By Abhinay akash | May 05, 2026
"अपने शुभ कर्म पथ पर निर्भीक होकर आगे बढ़ो। सभी दुर्बलता और आशंकाएं समाप्त हो जायेंगी"। सितंबर का महीना साल 2021 जब अमेरिका दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पंडित दीन दयाल उपाध्याय के एकात्व मानव दर्शन से शुरुआत करते हुए चाणक्य की नीतियों के सहारे प्रासंगिकता की सीख देते हुए टैगोर की कविता से संबोधन का समापन किया। कट टू साल 2026 मार्च का महीना पश्चिम बंगाल में चुनाव की सरगर्मियां जोरों पर थी। चुनावी प्रचार के लिए कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आए पीएम मोदी ने रविंद्र नाथ टेगौर की कविता ‘बिपदे मोरे रक्षा कोरो, ये नहे मोर प्रार्थना, बिपदे आमि ना येन करि भय’ के साथ अपने भाषण को समाप्त करते हुए जनता से अपील की कि वे इस बार निर्भीक होकर परिवर्तन के लिए वोट करें। राजनीति में संकेतों का बड़ा ही महत्व है। उसी संकेत को आगे बढ़ाते हुए बंगाल में मिली ऐतिहासिक जीत के साथ आहगे बढ़ते हुए अब बारी ताजपोशी की है। यानी बीजेपी की नई नवेली सरकार का शपथग्रहण और इसके लिए बीजेपी ने तारीख भी बेहद खास चुनी है। भाजपा की रिकॉर्ड तोड़ जीत के बाद, नई सरकार 9 मई को टैगोर की जयंती पर शपथ लेगी।