By नीरज कुमार दुबे | May 11, 2026
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच जम्मू-कश्मीर से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बीच हुई बैठक को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि केंद्र सरकार के पास जम्मू-कश्मीर सरकार की कई महत्वपूर्ण फाइलें अंतिम मंजूरी के लिए लंबित हैं। नेशनल कांफ्रेंस के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन कानून 2019 के तहत अब तक कार्य संचालन नियम तय नहीं होने से वर्ष 2024 में निर्वाचित सरकार बनने के बाद से प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है। नेता ने कहा कि कई विभागों में मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल की भूमिकाएं स्पष्ट रूप से तय नहीं हैं, जिससे शासन व्यवस्था में दिक्कतें आ रही हैं और मुख्यमंत्री के लिए अपने अधिकारों का प्रभावी इस्तेमाल करना मुश्किल हो रहा है।
हम आपको यह भी बता दें कि मुख्यमंत्री ने दिल्ली रवाना होने से पहले श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा था कि वह केंद्र शासित प्रदेश से संबंधित सभी प्रमुख विषयों को गृह मंत्री के समक्ष उठाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य का दर्जा बहाल करने का मुद्दा भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।